
देश की सर्वोच्च अदालत ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून) से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। यह मामला दिल्ली हिंसा से जुड़ा हुआ है, जिसमें दोनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस से जुड़े आरोप काफी गंभीर हैं और इस स्तर पर जमानत देना ठीक नहीं होगा। वहीं कोर्ट के इस फैसले पर जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
तेज प्रताप यादव ने कही ये बात
UAPA केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को SC से जमानत न मिलने पर जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा, "जो लोग दंगों, रेप और हत्याओं में शामिल हैं, उन्हें क्यों छोड़ा जाए? सरकार कार्रवाई कर रही है।" बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि UAPA जैसे सख्त कानूनों में जमानत के नियम सामान्य मामलों से अलग होते हैं। ऐसे मामलों में अदालत को सबूतों और आरोपों की गहराई से जांच करनी पड़ती है।
जानें क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनके वकीलों ने दलील दी कि वे निर्दोष हैं और उन्हें बिना ट्रायल के लंबे समय तक हिरासत में रखा गया है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और निचली अदालत में ही आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रखने को कहा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर UAPA कानून को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि इस कानून का इस्तेमाल बहुत सख्ती से किया जा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए ऐसे कानून जरूरी हैं।
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