पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि फिलहाल देश में LPG की सप्लाई बनी हुई है, लेकिन लोगों में घबराहट की वजह से गैस सिलेंडर की पैनिक बुकिंग तेजी से बढ़ गई है। सरकार के मुताबिक, अब तक करीब 88 लाख पैनिक बुकिंग दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे गैस सिलेंडर तभी बुक करें जब वास्तव में जरूरत हो।
अधिकारियों ने साफ किया कि अभी तक किसी भी गैस वितरण केंद्र ने सिलेंडर खत्म होने यानी ड्राई-आउट की सूचना नहीं दी है। साथ ही देश में कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भी पर्याप्त है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी खरीदार है और देश में आने वाली करीब 90 प्रतिशत एलपीजी सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से गुजरती है। लेकिन युद्ध के कारण इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है।
सरकार ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर राज्य सरकारों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा। फिलहाल सभी राज्यों में कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग शुरू कर दी गई है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कई राज्यों में लगातार छापेमारी भी की जा रही है। ऑयल कंपनियों के साथ मिलकर संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। 13 मार्च को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने देशभर में 1,300 से ज्यादा अचानक निरीक्षण किए, जबकि उत्तर प्रदेश में करीब 1,400 जगहों पर जांच की गई।
इसी बीच राहत की खबर भी सामने आई है। युद्ध प्रभावित क्षेत्र से एलपीजी लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं।
इन जहाजों में LPG कैरियर शिवालिक और LPG कैरियर नंद देवी शामिल हैं, जो खाड़ी देशों से करीब 92,700 टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं। ये जहाज मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं और 16-17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है।
इससे पहले ये दोनों जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे जो युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री रास्ते में फंस गए थे।
हरदीप सिंह पुरी ने संसद में भरोसा दिलाया कि ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक बाधाओं के बावजूद भारत की ऊर्जा सप्लाई फिलहाल सुरक्षित है और देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बिना रुकावट जारी है।