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Unnao Rape Case: 'सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं'; उन्नाव रेप पीड़िता की मां का छलका दर्द, कुलदीप सेंगर की बेल कैंसिल करने की मांग

Unnao Rape Case: इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रही पीड़िता की मां को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं, जिसमें केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को सस्पेंड कर दिया गया था। पीड़िता की मां ने बुधवार को कहा कि सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 6:15 PM
Unnao Rape Case: 'सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं'; उन्नाव रेप पीड़िता की मां का छलका दर्द, कुलदीप सेंगर की बेल कैंसिल करने की मांग
Unnao Rape Case: रेप पीड़िता की मां ने बुधवार को कहा कि सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं

Unnao Rape Case: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने 2017 के उन्नाव रेप केस की पीड़िता और उसकी मां को पूर्व BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने से रोक दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्नाव रेप केस की पीड़िता की मां को हिरासत में ले लिया। वह 23 दिसंबर, 2025 को राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं, जिसमें केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को सस्पेंड कर दिया गया था। पीड़िता की मां ने बुधवार को कहा कि सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं।

रेप पीड़िता और उनकी मांग बुधवार को भी दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रही थीं। लेकिन पुलिस ने इजाजत नहीं दी। 2017 के उन्नाव रेप केस की पीड़िता की मां ने बुधवार (24 दिसंबर) को पत्रकारों से कहा, "हमें इंसाफ नहीं मिला... वे (पुलिसकर्मी) मेरी बेटी को बंदी बनाकर ले जा रहे हैं... ये सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं। वे मेरी बेटी को CRPF की गाड़ी में ले गए। कुलदीप सेंगर की बेल कैंसिल होनी चाहिए। नहीं तो हम अपनी जान दे देंगे... नहीं तो हमें मार दिया जाएगा, हम सुरक्षित नहीं हैं।"

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में मंगलवार 23 दिसंबर को सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी। साथ हती दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उसकी अपील पर अंतिम फैसला आने तक उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले, दिसंबर 2019 में एक अधीनस्थ अदालत ने 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सेंगर को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हालांकि, हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि सेंगर पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएगा। साथ ही न ही पीड़िता या उसकी मां को किसी तरह की धमकी देगा। अदालत ने कहा कि इन शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में सेंगर को दी गई जमानत स्वतः रद्द हो जाएगी।

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