UP Accident: कानपुर के ग्वालटोली इलाके में रविवार (8 फरवरी) को एक तेज रफ्तार लैम्बॉर्गिनी कार ने राहगीरों और दोपहिया वाहनों को टक्कर मार दी। इस घटना में कम से कम छह लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक कार को कथित तौर पर एक जाने-माने तंबाकू व्यापारी का बेटा चला रहा था। करोड़ों की लैम्बॉर्गिनी कार लेकर सड़क पर उतरे तंबाकू कारोबारी के बेटे ने ऐसे गाड़ी चलाई, जैसे पूरी सड़क उसी के लिए खाली हो। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस दौरान वह नशे में धूत बताया जा रहा था।
पुलिस उपायुक्त (मध्य) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने पीटीआई को बताया, "यह हादसा दोपहर करीब तीन बजकर 15 मिनट पर रेव-3 मॉल के पास हुआ। तंबाकू व्यापारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लग्जरी कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मारते हुए कई गाड़ियों से टकरा गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।"
NDTV के मुताबिक, नशे में धुत करोड़ों की लग्जरी गाड़ी लेकर सड़क पर उतरे कारोबारी के बेटे ने पहले बुलेट सवार को पीछे से तेज टक्कर मारी। इस टक्कर से बुलेट पर सवार तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गए। इसके बाद भागने की कोशिश में जुटा कारोबारी के बेटे की लेम्बोर्गिनी कार सीधे डिवाइडर में जा घुसी। इस दौरान तीन लोग और घायल हो गए।
बुलेट सवार को टक्कर मारी तो वह हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरा। इसके बाद लैम्बॉर्गिनी बुलेट के ऊपर ही चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार ने पहले एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर एक खड़ी मोटरसाइकिल से टकरा गई। इससे उसपर सवार व्यक्ति करीब 10 फीट हवा में उछल गया। कार मोटरसाइकिल के अगले पहिए पर चढ़ गई।
फिर एक बिजली के खंभे से टकराने और रुकने से पहले उसे कुछ दूर तक घसीटती रही। इस घटना से नाराज स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और कार को घेर लिया। इससे चालक को अंदर ही रहना पड़ा। चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि आरोपी के साथ आए निजी बाउंसर ने भीड़ को पीछे धकेलने की कोशिश की। उन्होंने आक्रामक व्यवहार किया, जिससे तनाव बढ़ गया।
पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक को बचाया। फिर उसे और घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। क्षतिग्रस्त लैम्बॉर्गिनी को जब्त कर लिया गया और थाने ले जाया गया। दैनिक भास्कर के मुताबिक, थाने में पीड़ितों से कारोबारी के बाउंसरों ने अभद्रता की। इसके बाद लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया।
कारोबारी के बेटे और अन्य घायलों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मामला ग्वाल टोली थाना क्षेत्र का है। सीनियर अधिकारी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कार जब्त कर ली गई है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार को ग्वालटोली पुलिस स्टेशन ले जाने के बाद पुलिस को एक अलग चुनौती का सामना करना पड़ा। वहां 12 करोड़ रुपये की गाड़ी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। आखिरकार, अधिकारियों ने कार को एक तिरपाल से ढक दिया। इस पर आलोचकों ने आरोप लगाया कि यह कदम हाई-प्रोफाइल परिवार को जांच से बचाने के लिए उठाया गया है।