UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में इस वक्त सभी के जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर पंचायत चुनाव कब होंगे? पंचायत चुनाव 2026 अप्रैल से जून के बीच तय है। लेकिन अभी तक चुनाव की तारीखों की आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गई है। यूपी के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने हाल ही में दावा किया कि योगी सरकार ने पंचायत चुनाव कराने की तैयारी पूरी कर ली है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SUBHASP) अध्यक्ष राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे।
हालांकि, मंत्री के दावे के उलट पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की कवायद ही अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में OBC आरक्षण तय करने के लिए कमीशन बनाने का भरोसा दिया है।
लेकिन एक सूत्र ने बताया कि इस भरोसे और राजनीतिक पार्टियों की चुनावी तैयारियों को देखते हुए यह साफ है कि UP पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे। सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "पंचायत चुनाव समय पर नहीं होंगे। चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाएंगे।"
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव साल 2021 में हुए थे। इसके आधार पर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 2 मई को खत्म हो जाएगा। इस साल पंचायत चुनाव अप्रैल से जून 2026 तक प्रस्तावित हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि फिलहाल मामला OBC आरक्षण तय करने के लिए कमीशन बनाने में फंसा हुआ है। इसमें करीब 6 महीने लग सकते हैं।
अगर अप्रैल से जून 2026 के प्रस्तावित समय में पंचायत चुनाव नहीं होते हैं, तो उसके बाद सरकार, प्रशासन, भारतीय चुनाव आयोग और राजनीतिक पार्टियां विधानसभा चुनाव की तैयारी में व्यस्त हो जाएंगी। विधानसभा चुनाव सभी के लिए पंचायत चुनाव से कई गुना अधिक जरूरी होते हैं। ऐसे में यह लगभग तय है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे।
राजनीतिक पार्टियों का क्या है रूख?
मौजूदा हालात में राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP), विपक्ष समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक पार्टियां भी नहीं चाहतीं कि चुनाव समय पर हों। खबरों की मानें तो योगी सरकार के ज्यादातर मंत्री भी समय पर पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं।
उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने से गांवों में राजनीतिक टकराव बढ़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में पार्टी और सरकार दोनों में पंचायत चुनाव टालने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। फिलहाल, योगी आदित्यनाथ सरकार के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं।
यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। ऐसे में अगर 26 मई तक पंचायत चुनाव नहीं हुए तो ग्राम पंचायतों में प्रशासक यानी अधिकारियों के हाथों में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। साथ ही 6 महीने के अंदर पंचायत चुनाव कराने का दबाव बढ़ जाएगा।