Get App

US Iran War: होर्मुज संकट पर बड़ी बैठक में UK ने भारत को बुलाया, विदेश सचिव लेंगे हिस्सा

Middle East War: अनुमान है कि भारत के कुल तेल आयात का करीब 40-50% इसी रास्ते से आता है, इसलिए यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत अहम है। सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि रसोई गैस (LPG) के मामले में भी भारत काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरत आयात करता है, और उसमें से करीब 90% सप्लाई होर्मुज के रास्ते ही आती है

Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 02, 2026 पर 7:40 PM
US Iran War: होर्मुज संकट पर बड़ी बैठक में UK ने भारत को बुलाया, विदेश सचिव लेंगे हिस्सा
US Iran War: हॉर्मुज संकट पर बड़ी बैठक में UK ने भारत को बुलाया, विदेश सचिव लेंगे हिस्सा

ब्रिटेन ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर चर्चा के लिए भारत को आमंत्रित किया है। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस बैठक में भारत के विदेश सचिव हिस्सा लेंगे। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से आधे से ज्यादा तेल पश्चिम एशिया से आता है और उसका बड़ा हिस्सा इसी रास्ते यानी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। अनुमान है कि भारत के कुल तेल आयात का करीब 40-50% इसी रास्ते से आता है, इसलिए यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत अहम है।

सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि रसोई गैस (LPG) के मामले में भी भारत काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरत आयात करता है, और उसमें से करीब 90% सप्लाई होर्मुज के रास्ते ही आती है।

मौजूदा संघर्ष के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। कई जहाज कड़ी निगरानी में इस रास्ते से गुजर रहे हैं और कुछ को नौसेना की सुरक्षा में भेजा जा रहा है।

ब्रिटेन की ओर से बुलाई गई इस बैठक में करीब 35 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेटे कूपर करेंगी। इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश भी शामिल होंगे, जबकि अमेरिका इस बैठक का हिस्सा नहीं होगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें