'US वीजा एक प्रिविलेज है, अधिकार नहीं'; भारत में अमेरिकी दूतावास ने छात्रों को दी चेतावनी, कहा- 'डिपोर्ट किया जा सकता...'

नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि अमेरिका के कानूनों को तोड़ने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप किसी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है। आपको देश से निकाला (डिपोर्ट) जा सकता है। आप भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य हो सकते हैं

अपडेटेड Jan 07, 2026 पर 8:08 PM
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US Embassy in India: अमेरिकी दूतावास ने कहा कि 'US वीजा एक प्रिविलेज है, अधिकार नहीं'

US Visa Row: भारत में स्थित अमेरिका के दूतावास ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर स्टूडेंट वीजा रद्द हो सकता है। साथ ही छात्रों को अमेरिका से डिपोर्ट भी किया जा सकता है। भविष्य में यात्रा के लिए लंबे समय तक अयोग्य भी ठहराया जा सकता है। दूतावास ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका में एंट्री कोई अधिकार नहीं है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में दूतावास ने कहा कि कानूनी उल्लंघन के अमेरिका में पढ़ने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साथ ही कहा, 'US वीजा एक प्रिविलेज है, अधिकार नहीं।' इस पोस्ट में साफ तौर पर वीजा होल्डर्स से लोकल कानूनों और नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

दूतावास ने X पर लिखा, "अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर आपके स्टूडेंट वीजा पर गंभीर असर पड़ सकता है। अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप कोई कानून तोड़ते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है। आपको देश (डिपोर्ट) से निकाला जा सकता है। आप भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य हो सकते हैं। नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें। अमेरिकी वीजा एक प्रिविलेज है, अधिकार नहीं।"

अमेरिकी दूतावास की तरफ से यह एडवाइजरी यूनाइटेड स्टेट्स (US) में इमिग्रेशन नियमों की बढ़ती जांच के बीच आई है। इस वक्त अमेरिकी अधिकारियों द्वारा विदेशी नागरिकों को US में पढ़ाई या काम करते समय कानूनी स्टेटस बनाए रखने के बारे में समय-समय पर चेतावनी दी जा रही है।

अमेरिका ने स्टूडेंट, वर्क और विज़िटर वीजा सहित कई कैटेगरी में वीजा नियमों को सख्त किया है। इसमें नियमों का पालन, सिक्योरिटी जांच और अधिक समय तक रुकने वालों को रोकने पर ध्यान दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए नए नियमों में कानूनी उल्लंघनों पर वीजा रद्द करने का दायरा बढ़ाया गया है।


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बैकग्राउंड और सोशल-मीडिया स्क्रीनिंग को मजबूत किया गया है। ट्रंप प्रशासन ने कुछ वीजा के लिए एलिजिबिलिटी को कम करने के मकसद से बदलाव भी किए। इसमें बिना किसी एक्स्ट्रा रिव्यू के स्टूडेंट के रहने की अवधि को सीमित करने और H-1B जैसे स्किल्ड वर्कर वीजा के लिए अधिक सैलरी वाले एप्लीकेंट को प्राथमिकता देने के प्रस्ताव शामिल हैं। बता दें कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ता जा रहा है।

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