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G Ram G Bill Passed: लोकसभा ने 'विकसित भारत- जी राम जी' बिल को दी मंजूरी! अब MGNREGA बना इतिहास, विपक्ष का भारी हंगामा

VB- G Ram G Bill 2025 Passed: 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (MGNREGA) को निरस्त करने और इस संबंध में एक नया कानून बनाने के लिए पेश विधेयक लोकसभा में पारित हो गया है। अब नए कानून का नाम 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), 2025' होगा

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 18, 2025 पर 1:49 PM
G Ram G Bill Passed: लोकसभा ने 'विकसित भारत- जी राम जी' बिल को दी मंजूरी! अब MGNREGA बना इतिहास, विपक्ष का भारी हंगामा
नया बिल हर ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करेगा

VB- G RAM G Bill 2025: लोकसभा ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच गुरुवार (18 दिसंबर) को 'विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025' को मंजूरी दे दी। 'रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025' पर बुधवार को आधी रात के बाद चर्चा समाप्त हुई थी। चर्चा में 99 सदस्यों ने भाग लिया। यह प्रस्तावित कानून 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लेगा।

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विधेयक पर चर्चा का जवाब दिए जाने के बाद सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पारित होते ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 1 बजकर 7 मिनट पर शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मनरेगा की जगह सरकार द्वारा लाए गए 'विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025' को विचार-विमर्श के लिए संसदीय समिति को भेजने की विपक्ष की मांग को गुरुवार को अस्वीकार कर दिया।

विधेयक पर बुधवार देर रात तक चर्चा के बाद गुरुवार को जब स्पीकर बिरला ने चर्चा का जवाब देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया तो कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति या संयुक्त समिति (JPC) को भेजने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा, "पूरे सदन की भावना यही है। सरकार इसे संसदीय समिति को भेजे। हम सहयोग को तैयार हैं।" बिरला ने इस पर कहा, "इस विधेयक को लेकर 99 सदस्यों ने विचार रखे। देर रात तक इस पर चर्चा हुई। सभी दलों के सदस्यों का विचार आया। मैंने विपक्ष के कहने से चर्चा का समय बढ़ा दिया।"

उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि इस तरह विरोध करना उचित परंपरा नहीं है। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देना शुरू किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का इस तरह विरोध करना महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत को तार-तार करना है। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

विपक्षी सांसदों ने कहा कि जी राम जी विधेयक को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति के पास भेजा जाए। लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं। उनका कहना था कि मोदी सरकार महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है।

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