Rampur Viral Video: यूपी में बीच सड़क पर व्यक्ति के नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Rampur Viral Video: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति व्यस्त सड़क के बीच नमाज पढ़ते हुए दिख रहा है। इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना सिविल लाइंस पुलिस थाना क्षेत्र के शाहबाद गेट चौराहे पर हुई।

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 10:47 AM
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यूपी में बीच सड़क पर व्यक्ति के नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल

Rampur Viral Video: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति व्यस्त सड़क के बीच नमाज पढ़ते हुए दिख रहा है। इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना सिविल लाइंस पुलिस थाना क्षेत्र के शाहबाद गेट चौराहे पर हुई, जहां वह व्यक्ति सड़क के बीच नमाज़ पढ़ रहा था। इस दौरान ट्रैफिक धीमा हो गया और आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर बाधा डालने के आरोप में उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। इस मामले में केस भी दर्ज किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। सिंह ने कहा, “सिविल लाइंस इलाके से एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति सड़क के बीचोंबीच नमाज पढ़ता दिख रहा है। इसी आधार पर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेजा जा रहा है।”


परिवार का दावा: व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है

व्यक्ति के परिवार ने दावा किया है कि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। पुलिस के अनुसार, इस दावे की जांच की जा रही है।

बता दें कि यह घटना तब सुर्खियों में आई जब वीडियो में दिखाया गया कि चौराहे पर लोग जमा हो गए, जबकि व्यक्ति नमाज पढ़ता रहा। जिससे इलाके में ट्रैफिक कुछ समय के लिए बाधित हो गया।

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक प्रार्थनाओं पर कार्रवाई

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के बड़े अभियान के तहत की गई है। अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि सार्वजनिक स्थानों का उपयोग बिना अनुमति के धार्मिक गतिविधि के लिए नहीं किया जा सकता, खासकर अगर इससे ट्रैफिक या कानून-व्यवस्था प्रभावित होती हो।

हालांकि, अदालतों ने सार्वजनिक और निजी स्थानों के बीच अंतर स्पष्ट किया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल के फैसलों में साफ किया है कि सार्वजनिक सड़कों पर प्रार्थना करने पर पुलिस कार्रवाई हो सकती है, जबकि निजी परिसरों में नमाज अदा करने के लिए सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है और यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत सुरक्षित है।

इस फैसले में इस बात पर जोर दिया गया है कि अधिकारी उन मामलों में हस्तक्षेप कर सकते हैं जहां धार्मिक सभाएं सार्वजनिक सड़कों पर होने लगते हैं, लेकिन निजी संपत्ति के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से पूजा या नमाज करने पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती।

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