Vijaypat Singhania passes away: रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार (28 मार्च) शाम मुंबई में निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। विजयपत सिंघानिया बेटे एवं समूह के वर्तमान चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पिता के निधन की जानकारी दी। रेमंड ग्रुप के प्रवक्ता ने बताया, 'विजयपत सिंघानिया का मुंबई में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार 29 मार्च को किया जाएगा।'
पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया एक कुशल पायलट भी थे। उन्होंने 'हॉट एयर बैलून' में सबसे अधिक ऊंचाई हासिल करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने वर्ष 2000 तक रेमंड के चेयरमैन के रूप में दो दशक तक जिम्मेदारी संभाली।
गौतम को कंपनी की बागडोर सौंपने के बाद विजयपत ने कंपनी में अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने बेटे को ट्रांसफर कर दी। कुछ साल पहले विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे के बीच कानूनी विवाद हुआ था। लेकिन बाद में उन्होंने मामले को सुलझा लिया था।
टेक्सटाइल के अलावा उड़ान एवं रोमांच के भी शौकीन रहे सिंघानिया
दिग्गज उद्योगपति विजयपत सिंघानिया कॉर्पोरेट जगत की प्रतिष्ठित शख्सियतों की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान रखते थे। वर्ष 1991 के आर्थिक उदारीकरण से एक दशक पहले 1980 से रेमंड समूह के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के रूप में उनके नेतृत्व ने इस बात को सुनिश्चित किया कि उनका टेक्सटाइल ब्रांड कई अन्य पारंपरिक ब्रांड के विपरीत प्रतिस्पर्धात्मक दबावों का सामना कर सके।
एडवेंचर और एविएशन के शौकीन सिंघानिया उन विरले कॉर्पोरेट नेताओं में थे जो बोर्डरूम से बाहर भी जोखिम भरे कारनामे करने के लिए जाने जाते थे। पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया एक कुशल पायलट भी थे। नवंबर 2005 में 67 वर्ष की आयु में सिंघानिया ने 'हॉट एयर बैलून' के जरिए लगभग 69,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंचकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
इससे पहले 1988 में उन्होंने माइक्रोलाइट विमान से लंदन से नई दिल्ली तक अकेले 23 दिनों में उड़ान भरकर 'स्पीड-ओवर-टाइम एंड्यूरेंस' का रिकॉर्ड स्थापित किया था। मार्च 2007 में डॉ. सिंघानिया को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद की शासकीय परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद उन्होंने 2012 तक संभाला।
सिंघानिया ने वर्ष 2000 में अपने बेटे गौतम सिंघानिया को रेमंड समूह की कमान सौंप दी थी। लेकिन वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बने रहे। हालांकि, हाल के वर्षों में वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई दिए।
परिवार की घोषणा के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार रविवार 29 मार्च, 2026 को दोपहर 1:30 बजे मुंबई में हवेली, LD रूपारेल मार्ग पर होगा। सिंघानिया परिवार द्वारा जारी शोक संदेश में उन्हें एक दूरदर्शी लीडर और समाजसेवी और एक प्रेरणा देने वाली शख्सियत बताया गया है। बयान में कहा गया है कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को रास्ता दिखाती रहेगी और प्रेरणा देती रहेगी।