कांग्रेस विधायक और रेसलर विनेश फोगाट ने अपने रिटायरमेंट की फैसले पर यू-टर्न लेते हुए, कुश्ती के मैट पर वापसी का ऐलान किया है। विनेश ने शुक्रवार को कहा कि वह 2028 के लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में वापसी करेंगी। उन्होंने आधिकारिक तौर पर एक बयान जारी कर कहा कि वह नई ऊर्जा के साथ वापसी कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मेरे अंदर की आग कभी बुझी नहीं।" पेरिस ओलिंपिक में गोल्ड मेडल के लिए हुए मुकाबले में अयोग्य ठहराए जाने के बाद विनेश ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इसके एक दिन बाद ही उन्होंने राजनीति में दांव लगाया। अब विनेश ने कहा कि उन्हें अपने कुश्ती करियर पर विचार करने के लिए समय चाहिए।
उन्होंने कहा, "लोग मुझसे पूछते रहे कि क्या पेरिस मेरे करियर का अंत है। लंबे समय तक मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, दबाव से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपनी महत्वाकांक्षाओं से भी दूर हटने की जरूरत थी। कई सालों में पहली बार मैंने खुद को चैन की सांस लेने दी।"
विनेश ने शुक्रवार को एक पोस्ट में लिखा, "मैंने अपने सफर के महत्व को समझने के लिए समय लिया - ऊंचाइयां, दिल टूटने के पल, बलिदान, और मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा। और इसी आत्मचिंतन में मुझे सच्चाई का एहसास हुआ - मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहती हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "उस सन्नाटे में, मुझे एक ऐसी बात का एहसास हुआ जिसे मैं भूल चुकी थी- 'वो जोश कभी खत्म नहीं हुआ'। यह केवल थकान और शोर में कहीं दब गया था। अनुशासन, दिनचर्या, संघर्ष... यह सब मेरे भीतर समाया हुआ है। मैं चाहे कितनी भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा हमेशा मैट पर ही रह जाता है।
विनेश ने आगे ऐलान करते हुए कहा, "तो मैं यहां हूं, निडर मन और दृढ़ संकल्प के साथ LA28 की ओर कदम बढ़ा रही हूं। और इस बार मैं अकेली नहीं हूं, मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है, मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, LA ओलिंपिक के इस सफर में मेरा छोटा सा चीयरलीडर।”
पेरिस में विनेश के साथ क्या हुआ?
एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की खिलाड़ी विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने ओलिंपिक गोल्ड मेडल के मुकाबले तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रच दिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि में जापान की चार बार की विर्ल्ड चैंपियन युई सुसाकी पर मिली शानदार जीत शामिल थी, जिसने फाइनल में भारत के लिए एक रोमांचक मुकाबले का रास्ता खोल दिया और कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया। लेकिन फाइनल से कुछ ही घंटे पहले, उन पर विपत्ति आ पड़ी। सुबह के रुटीन वजन के दौरान, विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया और उन्हें प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया।
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों के अनुसार, किसी भी प्रतियोगिता के किसी भी चरण में वजन मापने में असफल होने पर पिछले सभी नतीजे अमान्य हो जाते हैं। विनेश ने इस फैसले के खिलाफ अपील की और तर्क दिया कि पहले दिन तीन मुकाबले जीतकर उन्होंने जो सिल्वर मेडल अर्जित किया था, वह कम से कम उसकी हकदार थीं। हालांकि, खेल मध्यस्थता न्यायालय ने उनकी अपील खारिज कर दी, जिससे ऐतिहासिक प्रदर्शन के बावजूद उन्हें कोई मेडल नहीं मिला।