West Asia Conflict: मिडिल ईस्ट जंग पर भारत सरकार की तरफ से सोमवार को कहा गया कि तेल का स्टॉक देश में पर्याप्त है। लेकिन LPG की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस (MoPNG) की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने सोमवार को बताया कि कच्चे तेल का स्टॉक अभी भी पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में 3.5 लाख नए कमर्शियल और घरेलू PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "LPG की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय है। लेकिन कहीं भी सप्लाई पूरी तरह से ठप होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।" शर्मा ने यह भी बताया कि 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 15,800 टन कमर्शियल LPG मिली है।
सुजाता शर्मा ने कहा, "पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख घरेलू और कमर्शियल PNG कनेक्शन दिए गए हैं या चालू किए गए हैं। LPG की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। लेकिन LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर कोई कमी नहीं है। LPG की घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हो गई है।" उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल पर कहा कि LPG की डिलीवरी पूरी तरह से सामान्य है।
शर्मा ने आगे कहा, "कमर्शियल LPG के संबंध में अब कमर्शियल LPG की लगभग 50% मात्रा राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकार में होगी। भारत सरकार ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे इस आवंटन में रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फ़ूड प्रोसेसिंग, डेयरी यूनिट, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जाने वाले रियायती कैंटीन या फ़ूड आउटलेट, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए पांच किलोग्राम FTL को शामिल करें।"
उन्होंने कहा, "अब तक लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कमर्शियल LPG आवंटित की है। लगभग 15 हजार 800 टन कमर्शियल LPG उठाई गई है।" प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे सभी 600 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
'सभी 600 भारतीय नाविक सुरक्षित'
राजेश सिन्हा ने कहा, "22 भारतीय जहाज और उन पर सवार 600 भारतीय नाविक सभी सुरक्षित हैं। किसी भी समुद्री घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है। मैंने पिछली ब्रीफिंग में बताया था कि 611 भारतीय नाविक हैं। उनमें से 11 ने जहाज छोड़ दिया है, इसलिए यह संख्या 600 हो गई है। हमने कल और परसों भी सभी बंदरगाहों के साथ समीक्षा की थी। किसी भी बड़े या छोटे बंदरगाह पर भीड़भाड़ की कोई रिपोर्ट नहीं है।"
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में बयान देते हुए यह भी कहा कि इस संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है। उन्होंने कहा कि इसका सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट और कमर्शियल जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की तैयारियों के कारण आज हालात से निपटने में मदद मिल रही है।