Suvendu Adhikari: ममता बनर्जी ने अपने राज में जो फैसले लिए थे शुभेंदु अधिकारी ने उनपर लिया ऐसा स्टैंड, जमकर हो रही चर्चा

Suvendu Adhikari : शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकारों द्वारा 10 या 34 साल पहले शुरू की गई सामाजिक योजनाओं को बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा। साथ ही सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि बाहर से आए लोग राज्य की सामाजिक कल्याण योजनाओं का गलत फायदा न उठा सकें। उन्होंने बताया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी

अपडेटेड May 11, 2026 पर 4:17 PM
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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई।

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में छह बड़े फैसले किए गए, जिनमें बीएसएफ को जमीन देने, आयुष्मान भारत योजना को लागू करना शामिल है। वहीं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की शुरू की गई किसी भी जनकल्याण योजना को बंद नहीं करेगी। कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में पहली कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्र शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना जारी रहेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि राज्य में चल रही सभी लाभार्थी योजनाओं को पहले की तरह जारी रखा जाएगा।

जारी रहेगी ममता बनर्जी की ये योजना

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकारों द्वारा 10 या 34 साल पहले शुरू की गई सामाजिक योजनाओं को बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा। साथ ही सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि बाहर से आए लोग राज्य की सामाजिक कल्याण योजनाओं का गलत फायदा न उठा सकें। उन्होंने बताया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी। यह तृणमूल कांग्रेस की सबसे अहम योजनाओं में से एक रही है। इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देना है, ताकि उन्हें एक निश्चित आय मिल सके।


इन महिलाओं को मिलता था फायदा 

बता दें कि, यह योजना मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल की उन महिलाओं के लिए है, जिनकी उम्र आमतौर पर 25 से 60 साल के बीच है और जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को सीधे उनके बैंक खाते में हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,700 रुपये दिए जाते हैं।

चुनाव के पहले भाजपा ने किया था ये वादा

महिला वोटरों के बीच इस योजना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने भी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए नकद सहायता योजनाओं का वादा किया था। भाजपा ने अपने चुनावी वादों में कहा था कि राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही महिला लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये सीधे बैंक खाते में देने का भी वादा किया गया था।

शुभेंदु  ने लिए ये बड़े फैसले

वहीं सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शुभेंदु  अधिकारी ने छह बड़े फैसले लिए। इनमें एक अहम फैसला बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम को पूरा करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन उपलब्ध कराने का भी था। सरकार का कहना है कि इससे अवैध घुसपैठ को रोकने में मदद मिलेगी। पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भाजपा ने सुभेंदु अधिकारी को राज्य का पहला भाजपा मुख्यमंत्री बनाया। चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर जीत हासिल की, जिसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत हो गया।

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