316, 401 जैसे वोट मार्जिन से BJP ने TMC से जीत लीं ये सीटें! पश्चिम बंगाल चुनाव से सामने आए हैरान कर देने वाले आंकड़े
पश्चिम बंगालम में इस बार जीत और हार के बीच का फासला इतना कम था कि कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि 2026 का यह चुनाव केवल रैलियों और नारों का नहीं, बल्कि सूक्ष्म चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर की लड़ाई का था, जहां 316 जैसे छोटे आंकड़ों ने भी इतिहास बदल दिया
316, 401 जैसी वोट मार्जिन से BJP ने TMC से जीत लीं ये सीटें! पश्चिम बंगाल चुनाव से सामने आए हैरान कर देने वाले आंकड़े
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे राज्य की राजनीति में कई बड़े उलटफेर लेकर आए हैं। राज्य के चुनाव नतीजों के विश्लेषण से बड़े ही दिलचस्प आंकड़े निकल कर सामने आए हैं। इस बार जीत और हार के बीच का फासला इतना कम था कि कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। खासतौर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गढ़ में सेंध लगाते हुए कई सीटों पर 'मामूली' अंतर से जीत दर्ज की है।
कांटे की टक्कर: जब कुछ वोटों ने तय किया भाग्य
चुनाव के सबसे हैरान करने वाले आंकड़े 'सबसे कम जीत अंतर' वाली सीटों से सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, राजारहाट न्यू टाउन में BJP ने TMC को महज 316 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। इसी तरह सतगाछिया में भी मुकाबला अंतिम दौर तक चला, जहां भाजपा ने केवल 401 वोटों से जीत हासिल की। अन्य सीटों पर भी कमोबेश यही स्थिति रही:
रैना (SC): BJP ने TMC को 834 वोटों से हराया।
जंगीपाड़ा: भाजपा की जीत का अंतर मात्र 862 वोट रहा।
इंदास (SC): यहां बीजेपी ने 900 वोटों के मार्जिन से जीत दर्ज की।
ये आंकड़े बताते हैं कि इन सीटों पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण किस स्तर पर था और एक-एक वोट ने सत्ता का संतुलन बदलने में बड़ी भूमिका निभाई।
जहां हुई ज्यादा वोटिंग वहां क्या हाल?
एक ओर जहां जीत का अंतर कम रहा, वहीं दूसरी ओर मतदान प्रतिशत के मामले में पश्चिम बंगाल ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। भंगार विधानसभा में सबसे ज्यादा 98.07% मतदान दर्ज किया गया, जहां AISF ने जीत हासिल की। कैनिंग पुरबा में 98.02% और सीतलकुची (SC) में 97.97% मतदान हुआ।
जिन पांच सीटों पर वोटिंग प्रतिशत ज्यादा रहा है, उनमें से तीन पर TMC और केवल एक सीट पर बीजेपी जीती। जबकि सबसे कम वोटिंग प्रतिशत वाली सभी 5 सीटें BJP के खाते में गईं।
इस टेबल में देखिए सबसे ज्यादा और सबसे कम वोटिंग वाले इलाकों में कौन रहा आगे और कौन पीछे
जीत के बड़े फासले में कौनसे दल फिसले?
कम मार्जिन वाली सीटों के उलट, कुछ सीटों पर जीत का अंतर इतना बड़ा था कि विपक्षी दल दौड़ में कहीं नजर नहीं आए। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (SC) सीट पर BJP ने TMC के खिलाफ 1,04,265 वोटों की विशाल बढ़त के साथ जीत दर्ज की।
वहीं, डबग्राम-फूलबाड़ी में भाजपा की जीत का अंतर 97,715 वोट रहा। TMC के लिए कैनिंग पुरबा राहत की खबर लेकर आया, जहां उन्होंने 91,954 वोटों के मार्जिन से जीत दर्ज की।
सबसे ज्यादा और सबसे कम वोटों के अंतर वाली सीटों के नतीजें
SIR के असर वाली सीटों का क्या रहा हाल
इन चुनावों में एक और महत्वपूर्ण पहलू SIR के जरिए वोटर लिस्ट में किए गए संशोधन रहे। सुजापुर जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में 1,50,410 अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि तक इसी क्षेत्र में 1,14,766 नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े भी गए।
सुजापुर, रघुनाथगंज, समसेरगंज, रतुआ और सूजी ये पांच विधानसभा सीट ऐसी थीं, जहां SIR के तहत सबसे ज्यादा नाम काटे गए, बावजूद इसके इन पांचों सीटों पर TMC की जीत हुई।
इसके अलावा सबांग, खेजुरी, भगवानपुर, रायपुर और कतुलपुर इन पांचों सीटों पर SIR के तहत वोटर लिस्ट में सबसे कम नाम काटे गए और इन सभी सीटों पर BJP को जीत मिली है।
जिन सीटों पर पड़ा SIR का सबसे ज्यादा असर, वहां कैसे रहे चुनाव नतीजे
ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि 2026 का यह चुनाव केवल रैलियों और नारों का नहीं, बल्कि सूक्ष्म चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर की लड़ाई का था, जहां 316 जैसे छोटे आंकड़ों ने भी इतिहास बदल दिया।