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Exit Poll: 'साइलेंट वोटर' का ही बोलता है जलवा, न सर्वे पकड़ पाएं न एग्जिट पोल, बंगाल में भी इन्हीं की चर्चा क्यों?

West Bengal Exit Poll: बुधवार को आए एग्जिट पोल में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है। ऐसे में एक्सपर्ट फिर से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या सर्वे और एग्जिट पोल सच में सभी वोटरों की सोच को सही तरीके से पकड़ पा रहे हैं या नहीं

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 30, 2026 पर 3:27 PM
Exit Poll: 'साइलेंट वोटर' का ही बोलता है जलवा, न सर्वे पकड़ पाएं न एग्जिट पोल, बंगाल में भी इन्हीं की चर्चा क्यों?
Exit Poll: हर चुनाव में 'साइलेंट वोटर' का ही बोलता है जलवा, न सर्वे पकड़ पाएं न एग्जिट पोल

कड़े मुकाबले वाले चुनावों में असली फैसला हमेशा जोर से खुलकर बोलने वाले वोटर नहीं करते, बल्कि वो लोग करते हैं जो चुप रहते हैं। इन्हें ही “साइलेंट वोटर” कहा जाता है। ये वोटर न तो सर्वे में अपनी राय बताते हैं और न ही एग्जिट पोल में खुलकर जवाब देते हैं, लेकिन नतीजों पर इनका बड़ा असर पड़ सकता है।

बुधवार को आए एग्जिट पोल में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है। ऐसे में एक्सपर्ट फिर से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या सर्वे और एग्जिट पोल सच में सभी वोटरों की सोच को सही तरीके से पकड़ पा रहे हैं या नहीं।

साइलेंट वोटर कौन होते हैं?

साइलेंट वोटर वो लोग होते हैं, जो या तो अपनी पसंद बताने से मना कर देते हैं या जानबूझकर छुपाते हैं। खासकर जब चुनाव कांटे का हो, तब इनकी भूमिका बहुत अहम हो जाती है क्योंकि थोड़ी सी भी गलत गणना नतीजों को बदल सकती है।

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