2 अप्रैल को जब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उप-नेता के पद से हटाया, तभी से ऐसे कयास लगने लगे थे कि एक न एक दिन राघव चड्ढा पार्टी छोड़ेंगे और बीजेपी में शामिल होंगे। लेकिन अरविंद केजरीवाल के साथ असली खेल राघव चड्ढा ने नहीं बल्कि अशोक मित्तल ने किया। क्योंकि चड्ढा की जगह केजरीवाल ने अशोक मित्तल को ही राज्यसभा में AAP का उप-नेता बनाया था, लेकिन आज वही मित्तल खुद भी राघव के साथ BJP के हो लिए।
शुक्रवार को राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा के कई सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इस दौरान उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल खुद मंच पर मौजूद थे। अगर यह फैसला संसद के नियमों के तहत मंजूर हो जाता है, तो राज्यसभा में AAP की ताकत पर बड़ा असर पड़ सकता है और इसका दूरगामी राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
मीडिया से बात करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि इस फैसले को राज्यसभा में AAP के ज्यादातर सांसदों का समर्थन है। उन्होंने बताया कि AAP के 10 राज्यसभा सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से ज्यादा इस फैसले के साथ हैं। सभी ने साइन करके पत्र राज्यसभा के चेयरमैन को सौंप दिया है। इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं के नाम भी बताए, जिनमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल हैं।
अशोक कुमार मित्तल एक बड़े बिजनेसमैन से नेता बने हैं और शिक्षा के क्षेत्र में भी उनकी बड़ी पहचान है। वे Lovely Professional University (LPU) के संस्थापक हैं, जो पंजाब की बड़ी निजी यूनिवर्सिटियों में गिनी जाती है। साल 2022 में वे राजनीति में आए और उसी साल AAP के टिकट पर राज्यसभा सांसद बने।
संसद में उन्होंने रक्षा और वित्त जैसी अहम समितियों में काम किया है और भारत-अमेरिका संसदीय मित्रता समूह का भी हिस्सा रहे हैं। हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश दौरे पर भी गए थे, जिसकी अगुवाई कनिमोझी करुणानिधि ने की थी।
पार्टी के अंदर फेरबदल के दौरान उन्हें डिप्टी लीडर बनाया गया था, जहां उन्होंने राघव चड्ढा की जगह ली थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि पार्टी में इस तरह के बदलाव होते रहते हैं और आगे भी होते रहेंगे।
हाल ही में पड़ा था ED का छापा
हालांकि, हाल के दिनों में वे जांच एजेंसियों की नजर में भी आए। 15 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके और उनके कारोबार से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत की गई थी। जांच गुरुग्राम और पंजाब के जालंधर व फगवाड़ा समेत कई जगहों पर की गई, जहां लवली ग्रुप से जुड़े संस्थान और संपत्तियां शामिल थीं।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान LPU, TETR College of Business और Masters’ Union School of Business जैसी संस्थाओं को खंगाला गया। इसके अलावा मित्तल और उनके परिवार से जुड़े घरों और कारोबारी ठिकानों पर भी जांच की गई।
अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी और विदेशों से आने-जाने वाले फंड्स में शक के आधार पर जांचा जा रहा है।
पार्टी की नजर में मित्तल एक शिक्षाविद और समाजसेवी के तौर पर जाने जाते हैं और शिक्षा के साथ-साथ राजनीति में भी उनका अच्छा खासा प्रभाव रहा है। लेकिन अब राघव चड्ढा और अन्य नेताओं के साथ उनका पार्टी छोड़ना, AAP और केजरीवाल दोनों के लिए बड़ी टेंशन की बात है।