नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे मजदूरों के प्रदर्शन ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रैंड नेता महुआ मोइत्रा ने नोएडा की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें सोशल मीडिया पर आड़े हाथों लिया है।
महुआ मोइत्रा ने 'X' पर एक तीखा पोस्ट किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए लिखा, "नोएडा DM—पापा क्या कहते हैं? चुनाव आयुक्त बंगाल को कानून-व्यवस्था पर जो ज्ञान देते हैं, काश उन्होंने अपने बच्चों को भी कुछ बेसिक्स सिखाए होते। उनकी बेटी मेधा रूपम नोएडा की DM हैं और उन्हें अंदाजा ही नहीं है कि जायज विरोध प्रदर्शनों को कैसे संभाला जाता है। शर्मनाक।"
विवाद की असली वजह क्या है?
दरअसल, यह जुबानी जंग बंगाल में वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और TMC के बीच चल रही तनातनी का नतीजा है। महुआ मोइत्रा ने इसी बहाने नोएडा DM के पारिवारिक रिश्तों को राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।
मेधा रूपम उत्तर प्रदेश कैडर की एक तेज-तर्रार IAS अधिकारी हैं। उनके बारे में कुछ खास बातें:
ऐतिहासिक उपलब्धि: 2014 बैच की अधिकारी मेधा रूपम ने पिछले साल 1 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की पहली महिला जिला मजिस्ट्रेट बनकर इतिहास रचा था।
शिक्षा और रैंक: उन्होंने UPSC 2013 की परीक्षा में पूरे देश में 10वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र (Honours) की पढ़ाई की है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: मेधा रूपम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं। उनके पति मनीष बंसल भी 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में सहारनपुर के DM हैं।
विवादों के बीच, DM मेधा रूपम ने मजदूरों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने वेतन बढ़ाने की उनकी मुख्य मांग को स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने 'ANI' से बात करते हुए कहा, "हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। हमने निर्देश जारी किए हैं कि हर महीने की 10 तारीख तक मजदूरों का वेतन सीधे उनके खातों में जमा हो जाना चाहिए।"
नोएडा DM ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री और उच्च-स्तरीय समिति को, मजदूरों की वेतन-वृद्धि की मुख्य मांग स्वीकार करने के लिए धन्यवाद देती हूं। इसके अलावा, अन्य निर्देश भी जारी किए गए हैं, जिनमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि मजदूरों की सैलरी हर महीने की 10 तारीख से पहले उनके खातों में जमा हो जाए।"