Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ताबड़तोड़ बड़े फैसले ले रहे हैं। इस क्रम में नीतीश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा ऐलान लिया है। सरकार ने सरकारी अधिकारियों के प्रमोशन के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को दो से चार साल तक कम कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में नया आदेश भी जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले से उन कर्मचारियों का इंतजार खत्म हो गया है, जो लंबे समय से प्रमोशन के इंतजार में थे। इस फैसले से बिहार में काम करने वाले करीब छह लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
खासकर सैलरी के आधार पर देखें तो कर्मचारियों को काफी सीधा फायदा होने वाला है। नए नियमों के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को न केवल उच्च पदों पर प्रमोशन का अवसर मिलेगा। बल्कि इससे उनकी सैलरी वृद्धि और अन्य सुविधाओं में भी इजाफा होगा। यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी को फायदा होने की उम्मीद है।
नए नियमों के अनुसार, सैलरी लेवल चार से पांच और पांच से छह तक के लिए प्रमोशन की न्यूनतम सेवा अवधि अब तीन साल होगी। वहीं, सैलरी लेवल छह से सात के लिए यह अवधि चार साल निर्धारित की गई है। पहले यह डेडलाइन अधिक थी, जिसे कम करने की मांग लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा की जा रही थी। इस संशोधन से सरकारी कर्मचारियों को जल्दी प्रमोशन का अवसर मिलेगा।
बिहार के सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, जून 2018 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम सर्विस अवधि का निर्धारण किया गया था। हालांकि, सैलरी लेवल चार के तहत कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने इस अवधि को कम करने के लिए आवेदन दिए थे। इनकी मांगों पर विचार करने के बाद नीतीश सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार ने केंद्र और झारखंड समेत अन्य राज्यों के नियमों का स्टडी करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार चुनाव से पहले अपने फैसले के जरिए हर वर्ग को खुश करने की कोशिश में जुटी हुई है। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार का यह कदम कर्मचारी वर्ग के बीच सकारात्मक संदेश देने वाला माना जा रहा है।
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाली NDA सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का लाभ दिया था। इससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली NDA और RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है।