सर्दियों की ठिठुरन में जब ठंडी हवाएं चलती हैं, तब एक गर्म और मुलायम कंबल ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। रात की मीठी नींद हो या सुबह की आलस भरी चाय, कंबल हर पल आराम का एहसास देता है। लेकिन जैसे-जैसे सर्दियां ढलने लगती हैं, वैसे-वैसे इसकी सफाई की चिंता सताने लगती है। भारी और मोटे कंबल को धोना आसान काम नहीं होता। वजन ज्यादा होने के कारण इन्हें उठाना, मशीन में डालना या सुखाना मुश्किल लगता है। इसी वजह से कई लोग बिना सोचे-समझे ड्राई क्लीनिंग का सहारा ले लेते हैं।
