आज के दौर में कम उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां, डलनेस और थकान के निशान नजर आने लगे हैं। पहले जहां ये बदलाव बढ़ती उम्र से जोड़े जाते थे, वहीं अब युवाओं में भी प्रीमैच्योर एजिंग एक आम समस्या बनती जा रही है। इसका कारण सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और कुछ ऐसी आदतें हैं जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। बदलता खानपान, अनियमित दिनचर्या, बढ़ता तनाव और शरीर की जरूरतों को समझे बिना की गई लापरवाही सीधे तौर पर स्किन हेल्थ को प्रभावित करती है। धीरे-धीरे त्वचा अपनी नैचुरल चमक खोने लगती है, चेहरे पर ढीलापन आने लगता है और थकान हमेशा झलकने लगती है।
