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Union budget 2026 : आज आएगा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट, जानिए क्या हो सकता है खास

Union budget 2026 :इस बजट में घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ाने पर खास फोकस हो सकता है। बाजार को FIIs को टैक्स से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्वदेशी पर खास फोकस हो सकता। डिफेंस और सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ी बढ़ोतरी संभव है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Feb 01, 2026 पर 10:10 AM
Union budget 2026 : आज आएगा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट, जानिए क्या हो सकता है खास
Union budget 2026 : बजट में रेल की रफ्तार तेज हो सकती है। नई वन्दे भारत, वन्दे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों का ऐलान संभव है। करीब 50 नई ट्रेन शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है

Union budget 2026 : आज देश का बजटआएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ग्लोबल चुनौतियों के बीच सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट होगा। निर्मला सीतारमन लगातार 9वां बजट पेश करेंगी। इस खास मौके पर आज शेयर मार्केट खुले रहेंगे। सुबह 9 से साढ़े 3 बजे तक सामान्य कारोबार होगा। कमोडिटी और करेंसी मार्केट भी खुले रहेंगे। इस बार का बजट कुछ खास हो सकता है। 75 साल में पहली बार पार्ट A के साथ साथ पार्ट B पर भी अच्छा खासा फोकस होगा। पार्ट B में भारत के भविष्य का रोडमैप पेश किया जा सकता है।

इस बजट में घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ाने पर खास फोकस हो सकता है। बाजार को FIIs को टैक्स से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्वदेशी पर खास फोकस हो सकता। डिफेंस और सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ी बढ़ोतरी संभव है। रेलवे के मॉडर्नाइजेशन पर भी जोर हो सकता है। हालांकि, इनकम टैक्स में बड़ी राहत की उम्मीद कम है। बजट से पहले ज्वॉइंट ITR की चर्चा तेज है। इनडायरेक्ट टैक्स में बड़े रिफॉर्म की तैयारी भी है। AI और डेटा सेंटर के लिए बजट में खास ऐलान की उम्मीद है। स्टार्टअप का दायरा बढ़ाने और इनोवेशन पर भी बजट का जोर हो सकता है। बजट में टूरिज्म के लिए खास ऐलान संभव हैं। ड्रोन और एविएशन सेक्टर को बड़ी सौगात मिल सकती है।

सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बार के बजट में घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ाने पर खास फोकस हो सकता है। स्वदेशी बजट की एक बड़ी थीम हो सकती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय हालात से निपटने के उपाय हो सकते हैं। डीरेगुलेशन की तरफ रोडमैप आ सकता है। सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। डिफेंस सेक्टर पर आवंटन में बड़ी बढ़ोतरी संभव है।

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