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क्या आपको भी हर समय होती है घबराहट? इन आसान टिप्स को फॉलो कर मैनेज करें अपना मेंटल हेल्थ

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में घबराहट आम बात हो गई है। लेकिन बार-बार चिंता करने और ज्यादा सोचने से हम अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं। इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ता है और कई तरह की शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 21, 2025 पर 11:34 PM
क्या आपको भी हर समय होती है घबराहट? इन आसान टिप्स को फॉलो कर मैनेज करें अपना मेंटल हेल्थ
बार-बार चिंता करने और ज्यादा सोचने से हम अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते (Photo: Canva)

आज के तेज रफ्तार जिंदगी में एंग्जायटी यानी घबराहट होना आम बात है। घबराहट दिमाग की एक सामान्य और प्राकृतिक प्रतिक्रिया होती है, जो मुश्किल या अनजान हालात में हमें सावधान रखती है। लेकिन अगर ये घबराहट लंबे समय तक बनी रहती है तो ये मेंटल हेल्थ के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। लगातार एंग्जायटी रहने से इंसान थका हुआ और बेचैन महसूस करता है। धीरे-धीरे इसका असर दिमाग के साथ-साथ शरीर की सेहत पर भी पड़ने लगता है

जब कोई व्यक्ति लगातार घबराहट और एंग्जायटी में रहता है, तो उसका नर्वस सिस्टम हमेशा तनाव में रहता है। बार-बार चिंता करने और ज्यादा सोचने से हम अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं। इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ता है और कई तरह की शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं। इन आसान टिप्स की मदद से आप घबराहट को कम कर सकते हैं।

खुद पर ध्यान दें

एंग्जायटी को संभालने की शुरुआत खुद को थोड़ी देर रोकने और अपने ऊपर ध्यान देने से होती है। इसके लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि किन बातों से घबराहट बढ़ती है। फिर अपने शरीर की स्थिति, सांस लेने की गति और मन की हालत पर ध्यान देकर खुद को शांत करने की कोशिश करनी चाहिए। थोड़ा रुककर गहरी सांस लेना और खुद को संभालना शांति वापस लाने में मदद करता है।

गहरी सांस लें

घबराहट या तनाव की स्थिति में हमारी सांसें तेज हो जाती हैं। ऐसे समय में अपनी सांस पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। धीरे-धीरे और गहरी सांस लेने से शरीर और दिमाग दोनों शांत होने लगते हैं। जब सांस काबू में रहती है, तो सोच साफ रहती है और सही फैसले लेना आसान हो जाता है।

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