शादी की सालगिरह हो या बच्चों का जन्मदिन, जब हम परिवार के साथ होटल या रेस्त्रां में भोजन करने जाते हैं, तो अक्सर खाने के बिल के साथ मुफ्त सौंफ और मिश्री परोसी जाती है। पहली नजर में यह सिर्फ एक परंपरा लगती है, लेकिन इसके पीछे स्वास्थ्य और सांस्कृतिक कारण भी छिपे हैं। सौंफ पाचन को बेहतर बनाती है, पेट की गैस और अपच से बचाती है, वहीं मिश्री एसिडिटी कम करती है और मीठे की लालसा को नियंत्रित करती है। इसके अलावा, यह मुंह की दुर्गंध दूर कर सांसों को ताजगी देती है। भारतीय संस्कृति में भोजन के बाद मेहमानों का मुंह मीठा करवाना सत्कार और खुशी का प्रतीक माना जाता है, यही वजह है कि सौंफ-मिश्री आज भी हर होटल और रेस्त्रां में परोसी जाती है।
