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लोकसभा चुनाव से पहले I.N.D.I.A. गठबंधन की गांठें हुई ढीली, PDA के सहारे अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर PDA का जिक्र किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए इस पोस्ट में हालांकि, उन्होंने I.N.D.I.A. के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं किया है, जिससे SP के गठबंधन में बने रहने को लकर सवाल खड़े हो गए हैं। अखिलेश यादव ने शनिवार को कांग्रेस से सवाल किया कि वह बताए कि सपा के साथ गठबंधन करेगी या नहीं

Akhileshअपडेटेड Oct 22, 2023 पर 4:34 PM
लोकसभा चुनाव से पहले I.N.D.I.A. गठबंधन की गांठें हुई ढीली, PDA के सहारे अखिलेश यादव
Congress vs SP: अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर PDA का जिक्र किया है

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीट बंटवारे को लेकर जारी विवाद के बीच दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच जुबानी जंग ने I.N.D.I.A. गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस से बढ़ती तनातनी के बीच अब समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि वह I.N.D.I.A. गठबंधन के भरोसे नहीं, बल्कि PDA फॉर्मूले यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के बूते NDA की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को हराएंगे। अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर PDA का जिक्र किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए इस पोस्ट में हालांकि, उन्होंने I.N.D.I.A. के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं किया है, जिससे SP के गठबंधन में बने रहने को लकर सवाल खड़े हो गए हैं।

अखिलेश का यह पोस्ट ऐसे समय आया है जब मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाने को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गतिरोध उत्पन्न होने की खबरें आ रही हैं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में 2024 के चुनाव में 'PDA' के मुद्दे पर चुनाव लड़ने का संकेत दे दिया है।

अखिलेश यादव ने रविवार सुबह X पर एक पोस्ट शेयर कर SP कार्यकर्ता की एक तस्वीर शेयर की है, जिसकी पीठ पार्टी के लाल और हरे रंग में रंगी हुई है। कार्यकर्ता की पीठ पर हिंदी में लिखा है, "मिशन 2024, समाजवादी पार्टी जिंदाबाद...नेताजी (मुलायम सिंह यादव) अमर रहें। अखिलेश यादव जिंदाबाद... 'पीडीए' सुनिश्चित करेगा कि इस बार चुनाव में अखिलेश यादव की जीत हो। अखिलेश यादव सुनिश्चित करेंगे कि गरीबों को न्याय मिले।..."

दोनों पार्टियों के बीच दरार तब शुरू हुई जब कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी दल के लिए कोई सीट नहीं छोड़ी। समाजवादी पार्टी इस कदम को विश्वासघात के रूप में देख रही है, क्योंकि उसने दावा किया है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में पार्टी को सीटों का आश्वासन दिया था। इसके बाद से ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साध रहे हैं।

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