Madhya Pradesh Assembly Election 2023: कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक के बाद कहा कि मध्य प्रदेश चुनाव के लिए पार्टी 15 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन उम्मीदवारों की पहली लिस्ट की घोषणा करेगी। CEC बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। इसमें पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, अधीर रंजन चौधरी और कई अन्य लोग शामिल हुए। बैठक में मध्य प्रदेश इकाई के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, राज्य प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। राज्य CEC की बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, बैठक के बाद कमलनाथ ने कहा, "अभी हमने लगभग 60 सीटों पर चर्चा की है, फिर से हमारी बैठक होगी, तभी लिस्ट (उम्मीदवारों की) फाइनल करेंगे। हम श्राद्ध के बाद अपनी लिस्ट की घोषणा करेंगे। हम उस रफ्तार से चल रहे है कि 15 अक्टूबर को हम अपनी (उम्मीदवारों की) लिस्ट की घोषणा कर सकें। जितनी अधिक चर्चा होगी, उतना बेहतर होगा क्योंकि कई नई चीजें सामने आएंगी।"
इस दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची की घोषणा पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "उम्मीदवारों की पहली सूची नवरात्रि के पहले दिन जारी की जाएगी।" उन्होंने कहा कि काफी सीटों पर चर्चा हुई और बहुत सकारात्मक चर्चा हुई। जिस प्रकार से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष समन्वय बना रहे हैं, यह दर्शाता है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में एक अप्रत्याशित जीत की ओर कदम बढ़ा रही है।
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "मध्य प्रदेश में युवाओं, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों व पिछड़े वर्गों को कुछ ही दिनों में न्याय मिलने वाला है। पिछले 18 वर्ष के भाजपाई अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचारी कुशासन पर पूर्ण विराम लगेगा। इस बार जनता मध्य प्रदेश में पिछले दरवाज़े से अलोकतांत्रिक भाजपा सरकार नहीं बनने देगी। इस बार दग़ाबाज़ों को करारा जवाब मिलेगा। कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत की ओर अग्रसर है। आज मध्य प्रदेश के विषय में केंद्रीय चुनाव समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई।"
बता दें कि 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा। जबकि वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। CEC ने पिछले हफ्ते 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए बैठक की थी। इस दौरान 140 से अधिक विधानसभा सीटों पर चर्चा की गई थी। उस बैठक में उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा के साथ ही पार्टी ने यह भी तय किया था कि एमपी विधानसभा चुनाव में जाति आधारित जनगणना उसका मुख्य एजेंडा होगा।
राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब तक 78 सीट पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। उसने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पार्टी के कई अन्य सांसदों को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। साल 2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 114 सीटें जीती थीं और गठबंधन सरकार बनाई थी।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में 109 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में विधायकों के एक गुट के विद्रोह के चलते कमलनाथ अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और मार्च 2020 में उनके नेतृत्व वाली सरकार गिर गई। सिंधिया गुट के विधायकों के समर्थन से बाद में बीजेपी सत्ता में लौटी और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने।