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MP Election 2023: इंदौर-1 में कांग्रेस से सीट हथियाने के लिए BJP ने कैलाश विजयवर्गीय को उतारा, जानिए यहां किसका है वर्चस्व

MP Election 2023: इंदौर में कुल 9 विधानसभा सीटें हैं। जिसमें 6 पर बीजेपी कब्जा है। बाकी 3 सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। बीजेपी ने इस बार इंदौर-1 से कैलाश विजयवर्गीय को मैदान में उतारा है। यह मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीट मानी जा रही है। मौजूदा समय में यहां से कांग्रेस के संजय शुक्ला विधायक हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Oct 12, 2023 पर 4:19 PM
MP Election 2023: इंदौर-1 में कांग्रेस से सीट हथियाने के लिए BJP ने कैलाश विजयवर्गीय को उतारा, जानिए यहां किसका है वर्चस्व
MP Election 2023: इंदौर-1 सीट पर बीजेपी और कांग्रेस का सीधा मुकाबला है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजान इंदौर से 30 साल तक सांसद रही हैं।

MP Election 2023: इंदौर को मिनी मुंबई के नाम से जाना जाता है। यह मध्य प्रदेश के चर्चित शहरों में से एक है। प्रदेश की सियासत में इंदौर जिले को अहम माना जाता है। इंदौर जिले में कुल 9 विधानसभा सीटें है। ये सभी सीटें राष्ट्रीय स्तर की राजनीति के लिए जानी जाती हैं। 9 सीटों में 6 सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं। जबकि 3 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया हुआ है। इन सभी सीटों में से सबसे वीआईपी सीट इंदौर-1 को माना जाता है। यहां से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को चुनावी मैदान में उतारा गया है। यहां की इंदौर-1 विधानसभा सीट भी सुर्खियों में रही है। इस सीट का ताना-बाना कुछ ऐसा है कि यहां मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी में ही होता रहा है।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन यहां से 30 साल तक सांसद रही हैं। सफाई में तो शहर का कोई मुकाबला ही नहीं है। मौजूदा समय मे इंदौर विधानसभा एक का चुनावी रण बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को टिकट मिलते ही फिर से सुर्खियों में छा गए हैं। कांग्रेस के नेता संजय शुक्ला पिछली बार चुनाव जीते थे। उन्होंने बीजेपी नेता सुदर्शन गुप्ता को हराया था। इस बार बीजेपी इस सीट को बिल्कुल भी छोड़ने के मूड में नहीं है।

इंदौर-1 विधानसभा सीट पर देश भर की नजरें

विधानसभा क्रमांक-01 पर ज्यादातर समय बीजेपी का कब्जा रहा है। इस क्षेत्र में यादव और ब्राहम्ण समाज का खासा वर्चस्व है। इसलिए यहां कांग्रेस ने संजय शुक्ला पर दाव खेला था। हालांकि जैन समुदाय के मतदाता भी हार जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। साल 2013 में यहां बीजेपी से सुदर्शन गुप्ता ने विजय का परचम फहराया था। साल 2018 के चुनाव में कुल 11 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। लेकिन जीत कांग्रेस के पक्ष में गई। संजय शुक्ला ने बीजेपी के सुदर्शन गुप्ता से 8,163 मतों के अंतर से यह मुकाबला जीत लिया था। पिछले 2 बार से चुनाव में हार का सामना करने के बाद कांग्रेस ने 2018 में यहां से जीत हासिल की, लेकिन इस बार बीजेपी की कोशिश यह सीट कांग्रेस से हथियाने की होगी।

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