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MP Election 2023: चुनावी मैदान में उतरे 3 केंद्रीय मंत्री और 4 सांसद क्या BJP को फिर से सत्ता में पहुंचाएंगे?

MP Election 2023: विधानसभा चुनाव के लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 लोकसभा सांसदों को मैदान में उतारने के BJP के फैसले को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ज्यादा असर वाले चेहरों पर भरोसा कर खुद को मजबूत करने के प्रयास की तरह देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव लड़ रहे तीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के रूप में भी देखे जा रहे हैं

Akhileshअपडेटेड Oct 26, 2023 पर 4:48 PM
MP Election 2023: चुनावी मैदान में उतरे 3 केंद्रीय मंत्री और 4 सांसद क्या BJP को फिर से सत्ता में पहुंचाएंगे?
MP Election 2023: महाकौशल क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और फग्गन कुलस्ते सहित चार मौजूदा सांसदों को टिकट दिया गया है

MP Election 2023: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 लोकसभा सांसदों को चुनावी मैदान में उतारा है। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या केंद्र की राजनीति के चेहरे मध्य प्रदेश की सियासत में भी असर डालेंगे और सत्ता विरोधी भावनाओं को नियंत्रित कर BJP को दो दशकों में पांचवी बार प्रदेश की सत्ता में पहुंचाएंगे? विधानसभा चुनाव के लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 लोकसभा सांसदों को मैदान में उतारने के BJP के फैसले को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ज्यादा असर वाले चेहरों पर भरोसा कर खुद को मजबूत करने के प्रयास की तरह देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव लड़ रहे तीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के रूप में भी देखे जा रहे हैं।

सत्तारूढ़ दल ने मौजूदा कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के खिलाफ इंदौर-1 विधानसभा सीट से बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को मैदान में उतारा है। इन्हें भी मुख्यमंत्री पद का संभावित चेहरा माना जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक रशीद किदवई कहते हैं कि 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव में तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ चार लोकसभा सांसदों को मैदान में उतारना कागज पर भले ही भव्य लगे, लेकिन यह सत्तारूढ़ दल की चिंता और घबराहट दर्शाता है।

किदवई के अनुसार, साफ लगता है कि BJP की जिला इकाइयों ने तोमर, विजयवर्गीय, पटेल और सांसदों के नामों की सिफारिश टिकटों के लिए नहीं की थी। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी को मजबूती देने के लिए BJP संसदीय बोर्ड द्वारा चुना गया है।

किदवई ने पीटीआ से कहा, "सवाल यह है कि क्या कोई मतदाता सिर्फ इसलिए अपनी प्राथमिकता बदल देगा, क्योंकि मौजूदा विधायक या स्थानीय दावेदार को नजरअंदाज कर उसकी जगह लोकसभा सदस्य को टिकट दिया गया है? इस रणनीति में 'संदेश अधिक लेकिन सार कम' नजर आता है।"

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