Dadar Hanuman Mandir Row: मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित श्री हनुमान मंदिर को गिराने के लिए रेलवे की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगा दी गई है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने शनिवार (14 दिसंबर) को कहा कि दादर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 12 के पास अनधिकृत हनुमान मंदिर को हटाने के सेंट्रल रेलवे के प्रस्ताव पर रोक लगा दी गई है। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इसे नियमों के अनुसार नियमित किया जाएगा।
सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा नोटिस को लेकर BJP पर निशाना साधे जाने के एक दिन बाद यह बयान दिया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कार्यालय के पीछे पूर्वी दिशा में स्थित श्री हनुमान मंदिर को अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत हटाने के लिए चिन्हित किया गया था। उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया। बाद में उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत ने शुक्रवार सुबह मंदिर जाकर आरती भी की।
बीजेपी विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने पीटीआई से कहा कि दादर हनुमान मंदिर को संरक्षित किया जाएगा। लोढ़ा, सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सटे दादर ईस्ट के प्लेटफॉर्म नंबर 12 के पास स्थित मंदिर गए। उन्होंने मंदिर के न्यासी से बातचीत की और आरती में भी शामिल हुए। विधायक कालिदास कोलंबकर, बजरंग दल तथा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सदस्य भी मंदिर में मौजूद थे।
बीजेपी नेताओं ने रेल मंत्री से की बात
BJP नेता मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि उन्होंने मंदिर की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया है और आगे भी करते रहेंगे। लोढ़ा ने कहा कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की है और मंदिर को गिराने संबंधी नोटिस पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया गया है।
शिवसेना (UBT) के प्रमुख ठाकरे ने शुक्रवार को दावा किया कि रेलवे ने कुलियों द्वारा बनाए गए 80 साल पुराने हनुमान मंदिर को गिराने के लिए फतवा जारी किया है। उन्होंने BJP के 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।
मुंबई के मालाबार हिल के विधायक लोढ़ा ने मंदिर में दर्शन करने के बाद पत्रकारों से कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र की बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार हिंदुत्व और लोगों की चिंताओं को सुनती हैं। उन्होंने कहा, "हम इस मंदिर के प्रति हिंदू समुदाय की भावनाओं को समझते हैं और मैं आपको आश्वासन देता हूं कि इस पवित्र स्थान को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। जब से हमें स्थिति के बारे में पता चला है तब से बीजेपी नेता, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता रेल मंत्री वैष्णव से बातचीत कर रहे हैं।"
रेलवे ने जारी किया था नोटिस
रेलवे ने मंदिर के न्यासी/पुजारी को चार दिसंबर को भेजे नोटिस में कहा था कि यह संरचना एक अतिक्रमण है। इसकी स्वामित्व वाली भूमि पर बिना अनुमति के निर्माण किया गया है। नोटिस में आगे कहा गया था कि इन संरचनाओं के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही दादर स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी बाधा आ रही है। रेलवे ने ढांचे को हटाने के लिए सात दिन का नोटिस दिया था। बीजेपी नेता लोढ़ा ने कहा कि नोटिस पर रोक लगा दी गई है।