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आदिवासी नेता मोहन चरण माझी बने ओडिशा के नए मुख्यमंत्री, पढ़ें- चौकीदार के बेटे से सीएम तक का सफर

Odisha CM Oath Taking Ceremony: आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने लगभग तीन दशक पहले एक गांव के सरपंच के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वह आदिवासी बहुल और खनिजों के मामले में समृद्ध क्योंझर जिले के रायकला गांव से हैं। एक चौकीदार के बेटे माझी 2000 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए

Akhileshअपडेटेड Jun 12, 2024 पर 5:20 PM
आदिवासी नेता मोहन चरण माझी बने ओडिशा के नए मुख्यमंत्री, पढ़ें- चौकीदार के बेटे से सीएम तक का सफर
Odisha CM Oath Taking Ceremony: बीजेपी ने 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में 78 सीटें हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की

Odisha CM Oath Taking Ceremony: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आदिवासी नेता और 4 बार के विधायक मोहन चरण माझी ने ओडिशा के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। माझी के साथ 6 बार के विधायक के.वी. सिंह देव और पहली बार विधायक बनीं प्रभाती परिदा ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। बीजेपी राज्य में विधानसभा चुनावों में स्पष्ट जनादेश के साथ सत्ता में आई है। भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के साथ ही राज्य में बीजू जनता दल (BJD) का 24 साल का शासन खत्म हो गया। माझी ने BJP सुप्रीमो नवीन पटनायक की जगह ली है।

पिछली विधानसभा में बीजेपी के मुख्य सचेतक रहे माझी हाल में हुए विधानसभा चुनावों में चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से BJD की मीना माझी को हराया। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में BJP ने 78 सीटें जीतीं, जबकि BJD को 51 सीटें मिलीं। कांग्रेस के हेमानंद बिस्वाल और गिरिधर गमांग के बाद माझी ओडिशा के तीसरे आदिवासी मुख्यमंत्री हैं।

आदिवासी नेता माझी ने लगभग तीन दशक पहले एक गांव के सरपंच के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वह आदिवासी बहुल और खनिजों के मामले में समृद्ध क्योंझर जिले के रायकला गांव से हैं। एक चौकीदार के बेटे माझी 2000 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। BJP द्वारा मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का चयन क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की पार्टी की रणनीति का संकेत देता है। माझी उत्तरी ओडिशा के क्योंझर से आते हैं, जबकि देव और परिदा क्रमशः राज्य के पश्चिमी और तटीय क्षेत्रों से आते हैं।

देव पटनागढ़ (अब बोलनगीर) के पूर्व शाही परिवार के मुखिया हैं, जबकि प्रभाती परिदा एक वकील हैं। वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी। BJD और BJP 1998 से 2009 तक 11 वर्षों तक गठबंधन में रहे और तीन लोकसभा तथा दो विधानसभा चुनाव मिलकर लड़े। पटनायक ने 2009 के आम चुनावों से पहले, कंधमाल में हुए दंगे के कुछ महीनों बाद, BJP से संबंध तोड़ लिए थे।

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