होली सिर्फ रंगों और उमंग का त्योहार नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक पावन पर्व भी है। होली से एक दिन पहले फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस बार 13 मार्च 2025 को होलिका की ज्वालाएं आसमान छूएंगी, और अगले दिन 14 मार्च 2025 को रंगों की बारिश होगी। होलिका दहन की पवित्र अग्नि में सही चीजों का अर्पण जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है, जबकि कुछ चीजें इसमें डालने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
