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Mahakumbh 2025: यह ऐप पूरा मेला घुमा देगा, कहां ठहरें और कहां है पार्किंग? मिलेगी पूरी डिटेल

Prayagraj Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 12 साल बाद महाकुंभ 2025 का महा आयोजन शुरू हो चुका है। प्रदेश ही नहीं, देश और विदेश सभी जगह लोगों में महाकुंभ को जानने और इसे समझने के लिए लोगों में एक जिज्ञासा देखने को मिल रही है। ऐसे में अगर आप महाकुंभ मेला घूमना चाहते हैं तो महाकुंभ ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें पूरी डिलेट मिल जाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2025 पर 12:15 PM
Mahakumbh 2025: यह ऐप पूरा मेला घुमा देगा, कहां ठहरें और कहां है पार्किंग? मिलेगी पूरी डिटेल
Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेला 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर खत्म होगा। महाकुंभ 45 दिनों तक चलता है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आगाज हो चुका है। सुबह से ही 60 लाख लोग डुबकी लगा चुके हैं। ऐसे में अगर आप भी प्रयागराज के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। आपको महाकुंभ में स्नान करने के लिए संगम नगरी आना है तो यह खबर आपके लिए ही है। आप अपने स्मार्टफोन पर ही प्रयागराज की सारी जानकारियां हासिल कर सकेंगे। एक क्लिक पर आपको महाकुंभ से जुड़ी एक-एक जानकारी मिल जाएगी। किस ट्रेन के जरिए आप प्रयागराज पहुंच सकेंगे? किसी ट्रेन से वापसी होगी ? ट्रेन किस प्लेटफार्म पर रुकेगी? प्रयागराज में आप क्या-क्या चीज देख सकते हैं? प्रयागराज में परिवहन की सुविधा क्या है? रेलवे स्टेशन से आप महाकुंभ क्षेत्र तक कैसे जाएंगे? ऐसे तमाम जानकारी मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार महाकुंभ 2025 मेले का लोगो और मोबाइल ऐप बहुत पहले ही लॉन्च कर दिया था। इस ऐप का नाम ‘महाकुंभ मेला 2025 ऐप’ है। इस ऐप के जरिए प्रयागराज में पूरा मेला घूम सकते हैं। इसमें सारी जानकारी मुहैया कराई गई है। इस ऐप पर लोगों को महाकुंभ के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी। इसके अलावा महाकुंभ और कुंभ पर लिखी गई किताबों और ब्लॉग्स के जरिए महाकुंभ की परंपराओं और इसके महत्व के विषय में अधिक जानकारी हासिल कर सकते हैं। मेला अथॉरिटी की ओर से इस ऐप को लाइव किया जा चुका है। लोग इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड भी कर सकते हैं।

मिलेंगी कई रिसर्च रिपोर्ट

प्रयागराज भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। इसे प्राचीन शास्त्रों में 'प्रयाग' या 'तीर्थराज' के नाम से भी जाना जाता है और इसे भारत के पवित्रतम तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह शहर वार्षिक माघ मेला, प्रत्येक छह वर्षों में कुंभ मेला और हर 12 वर्ष में महाकुंभ मेला के लिए भी मशहूर है।

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