13 राज्यों को पावर एक्सचेंज पर बिजली खरीदने-बेचने से रोका गया, बकाया भुगतान नहीं होने के चलते उठाया कदम

13 राज्यों में तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, मिजोरम, झारखंड, बिहार, राजस्थान, आंध्र, महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ शामिल है

अपडेटेड Aug 18, 2022 पर 9:52 PM
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'लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS)' के नए नियम के तहत यह कदम शुक्रवार 19 अगस्त से लागू होगा

बकाया भुगतान नहीं होने के चलते करीब 13 राज्यों के पावर एक्सचेंजो से बिजली खरीदने या बेचने पर रोक लगा दी गई है। इन राज्यों में तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, मिजोरम, झारखंड, बिहार, राजस्थान, आंध्र, महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ शामिल है। हमारे सहयोगी चैनल CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इस कदम से इन राज्यों में बिजली कटौती की समस्या और बढ़ सकती है।

दरअसल पावर मिनिस्ट्री ने बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) और बिजली उत्पादन कंपनियों (Gencos) के बकाये के गैर-भुगतान को लेकर एक नियम बनाया है और यह कदम इसी नियम का नतीजा है। 'लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS)' के नए नियम के तहत यह कदम शुक्रवार 19 अगस्त से लागू होगा।

LPS नियम कहता है कि अगर बिजली वितरण कंपनियों ने सात महीने तक बिजली उत्पादन कंपनियों को बकाये का भुगतान नहीं करती हैं, तो उन्हें पावर एक्सचेंजों में भाग लेने से रोक दिया जाएगा। इस नए इलेक्ट्रिसिटी (लेट पेमेंट सरचार्ज) रूल्स का असर 13 राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों पर पड़ेगा।

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सूत्रों ने बताया, "अधिक बकाये वाली बिजली वितरण कंपनियों के लिए पावर मार्केट में सभी तरह के प्रोडक्ट के खरीदने या बेचने पर रोक रहेगी।" नए नियम ने इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) को भी दबाव में डाल दिया है क्योंकि बिजली वितरण कंपनियों पर रोक से IEX पर लेनदेन की मात्रा निकट भविष्य में प्रभावित हो सकती है।

इस बीच इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के शेयर गुरुवार 17 अगस्त को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 3.6 फीसदी की गिरावट के साथ 166.35 रुपये के भाव पर बंद हुए।

यह पहला मौका होगा, जब करीब एक दर्जन राज्यों को एक साथ भाग लेने से रोका जाएगा। सूत्रों ने बताया कि पहले भी कई मौकों पर कुछ राज्यों को पावर एक्सचेंजो पर भाग लेने से रोका जा चुका है। हालांकि यह रोक कुछ दिनों के लिए रही है और राज्यों की तरफ से बकाये के भुगतान के तुरंत बाद इस हटा लिया गया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि इस बीच गुरुवार 18 अगस्त को कई राज्यों की तरफ से आग्रह के बाद पावर एक्सचेंजो पर ट्रेडिंग की समयसीमा बढ़ा दी गई थी। राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों पर बिजली उत्पादन कंपनियों का करीब 5,085 करोड़ रुपये बकाया है। इसे आप नीचे दिए टेबल में देख सकते हैं।

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