52nd GST Council Meet: GST काउंसिल की 52वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मीटिंग में जीएसटी अपीलेट ट्राइब्यूनल से जुड़े मुद्दों पर भी फैसला हुआ है। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि पिछली 2-3 मीटिंग्स से जीएसटी अपीलेट ट्राइब्यूनल (GST Appellate Tribunal ) का मुद्दा लगातार उठा था। इस ट्राइब्यूनल को गठित करने का फैसला पहले ही लिया जा चुका है। इस बार की मीटिंग में इससे जुड़े कुछ अहम फैसले लिए गए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि फैसला किया गया है कि ट्राइब्यूनल के प्रेसिडेंट और मेंबर की मैक्सिमम रिटायरमेंट ऐज 70 और 67 वर्ष होगी। पहले यह उम्र प्रेसिडेंट के लिए 67 वर्ष और मेंबर के लिए 65 वर्ष थी। लेकिन अब यह क्रमश: 70 और 67 वर्ष होगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह भी फैसला किया गया है कि ट्राइब्यूनल के मामले में अपॉइंटमेंट की मिनिमम ऐज अब प्रेसिडेंट और मेंबर्स के लिए 50 वर्ष होगी। पहले मिनिमम उम्र को लेकर कोई नियम नहीं था। साथ ही ज्यूडिशियल मेंबर के मामले में 10 साल का वकालत अनुभव जरूरी होगा।
जरी आइटम्स पर भी दूर हुआ कन्फ्यूजन
जरी आइटम्स पर GST (Goods and Services Tax) को लेकर भी एक क्लैरिफिकेशन जारी हुआ है। काउंसिल ने कहा है कि प्लास्टिक के इस्तेमाल वाले जरी आइटम्स भी 5 प्रतिशत GST के दायरे में आएंगे। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नतीजों की घोषणा की गई और इसी दौरान रेवेन्यु सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने कहा कि जरी को लेकर कन्फ्यूजन था।