52nd GST Council Meet: GST काउंसिल ने अपनी 52वीं बैठक में फैसला किया है कि एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल यानी ENA को GST के दायरे में नहीं लाया जाएगा। इसकी बिक्री पर टैक्स लगाने का अधिकार काउंसिल ने राज्यों को दे दिया है। लेकिन यह केवल ह्यूमन कंजंप्शन के मामले में ही होगा। इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के मामले में ENA पर GST लगेगा, जो कि 18 प्रतिशत होगा। बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल, शराब तैयार करने के लिए एक कच्चा माल है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि 101वें संवैधानिक संशोधन के बाद राज्यों का ENA की बिक्री पर टैक्स लगाने का कोई अधिकार नहीं है। नियमानुसार GST काउंसिल के पास ENA पर टैक्स लगाने का अधिकार है। लेकिन इसके बावजूद काउंसिल ने फैसला किया है कि वह ENA पर टैक्स लगाने का फैसला राज्यों पर छोड़ेगी। अगर राज्य चाहें तो टैक्स लगा सकते हैं, चाहें तो नहीं लगा सकते हैं। GST काउंसिल के अंतर्गत यह फैसला नहीं आएगा।
GST काउंसिल ने अपनी 52वीं बैठक में Molasses (गुड़/शीरा/खांड़/राब) पर GST की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इससे उम्मीद है कि गन्ना किसानों को फायदा होगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जीएसटी काउंसिल का यह मानना है कि इस फैसले से जानवरों का चारा बनाने की लगत भी घटेगी। इस बारे में डिटेल में पढ़ें...