Amazon LaysOff: एमेजॉन ने फिर की छंटनी की तैयारी, AI के चलते 1,500 कर्मचारियों की नौकरी खत्म

Amazon Layoffs: दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी एमेजॉन (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते बताया कि वह अपने 'पीपुल एक्सपीरियंस टेक्नोलॉजी (PXT) टीम से करीब 1,500 कर्मचारियों को हटाने जा रही है। यह संख्या कंपनी के इस विभाग के ग्लोबल कर्मचारियों का लगभग 15% हिस्सा है

अपडेटेड Oct 22, 2025 पर 5:58 PM
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Amazon Layoffs: एमेजॉन की तरह दूसरी बड़ी टेक कंपनियों में भी छंटनी का दौर जारी है

Amazon LaysOff: दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी एमेजॉन (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते बताया कि वह अपने 'पीपुल एक्सपीरियंस टेक्नोलॉजी (PXT) टीम से करीब 1,500 कर्मचारियों को हटाने जा रही है। यह संख्या कंपनी के इस विभाग के ग्लोबल कर्मचारियों का लगभग 15% हिस्सा है। यह कदम एमेजॉन की लागत घटाने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के जरिए कार्यक्षमता बढ़ाने की योजना के तहत उठाया गया है।

एमेजॉन के सीईओ एंडी जैसी ने पहले ही संकेत दिया था कि कंपनी में AI के बढ़ते इस्तेमाल से कर्मचारियों की संख्या घटेगी। उन्होंने कहा था, “हमें उम्मीद है कि AI के इस्तेमाल से हमारी कार्यक्षमता बढ़ेगी और कॉरपोरेट वर्कफोर्स में कमी आएगी।”

यह छंटनी एमेजॉन के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी के सिलसिले का हिस्सा है। इससे पहले 2022 और 2023 में कंपनी ने करीब 27,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। साल 2025 में भी अब तक कंपनी ने अपने कई छोटे यूनिट्स में छंटनी की। इनमें वंडरी पॉडकास्ट स्टूडियो, AWS क्लाउड यूनिट, गुडरीड्स, किंडल और एलेक्सा डिवाइस यूनिट्स शामिल हैं।


हालांकि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में $59.2 अरब डॉलर (लगभग ₹4.9 लाख करोड़) का मुनाफा कमाया था और उसकी कुल मार्केट वैल्यू 2.28 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है। फिर भी वह अगले कुछ सालों में लगभग 100 अरब डॉलर का निवेश AI और क्लाउड डेटा सेंटर्स में करने की तैयारी कर रही है।

एमेजॉन की तरह दूसरी बड़ी टेक कंपनियों में भी छंटनी का दौर जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2024 में करीब 1.5 लाख और 2025 की शुरुआत से अब तक 22,000 से अधिक टेक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है।

इनमें ओरेकल (Oracle), सिस्को (Cisco), इंटेल (Intel), इनडीड (Indeed), ग्लासडोर (Glassdoor), सेल्सफोर्स (Salesforce), मेटा (Meta) जैसी कंपनियां शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, इंटेल ने इस साल ही अमेरिका के ओरेगन में 2,400 कर्मचारियों को निकाला है, जबकि मेटा ने जनवरी में अपने 72,000 कर्मचारियों में से 5% की छंटनी की थी।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह छंटनी किसी सामान्य “हायरिंग और फायरिंग” चक्र का हिस्सा नहीं, बल्कि टेक सेक्टर के एक स्थायी पुनर्गठन की निशानी है। AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियां कम कर्मचारियों में अधिक उत्पादन चाहती हैं।

टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, छंटनी का यह दौर ऐसे समय में जारी है जब ज्यादातर टेक कंपनियां अब भी रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं और उनके शेयर मूल्यों में भी तेजी बनी हुई है। इसका अर्थ है कि छंटनी का असली मकसद लागत घटाना और लाभ बढ़ाना है, न कि आर्थिक संकट से बचना।

एमेजॉन और दूसरी टेक कंपनियों में ये कटौतियां ऐसे समय में की जा रही हैं जब ग्लोबल टेक सेक्टर में एआई की दौड़ तेज हो चुकी है। लेकिन इसके परिणामस्वरूप लाखों तकनीकी पेशेवरों की नौकरियां दांव पर हैं।

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