चिपमेकर Intel में अरबों डॉलर का निवेश करना चाहती है अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट

Intel की वैल्यूएशन कथित तौर पर 87 अरब डॉलर है। कंपनी के शेयरों में इस साल 60% की गिरावट आई है। इंटेल को सबसे बड़ा झटका 2020 में लगा था, जब इसने अपने सबसे बड़े ग्राहकों में से एक Apple को खो दिया। एप्पल का इंटेल-बेस्ड प्रोसेसर्स से ARM आर्किटेक्चर पर बने अपने खुद के कस्टम-डिजाइंड M-सीरीज चिप्स पर ट्रांजीशन, टेक इंडस्ट्रीज में एक बड़ा बदलाव रहा

अपडेटेड Sep 23, 2024 पर 7:56 AM
Story continues below Advertisement
Intel ने हाल ही में 1.6 अरब डॉलर के घाटे की सूचना दी।

अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट ने इंटेल कॉर्प (Intel) में अरबों डॉलर का निवेश करने की पेशकश की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बात मामले की जानकारी रखने वालों से मिली है। हाल के दिनों में अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वह इंटेल में 5 अरब डॉलर तक का इक्विटी-जैसा निवेश करना चाहेगी। सूत्रों का कहना है कि इंटेल के अधिकारी अपोलो के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। संभावित निवेश का आकार बदल सकता है और चर्चा विफल हो सकती है, जिसके चलते हो सकता है कि कोई सौदा न हो।

यह डेवलपमेंट तब सामने आया है, जब क्वालकॉम इंक. ने इंटेल का दोस्ताना अधिग्रहण करने की योजना बनाई है। इंटेल के लिए चीजें बहुत अच्छी नहीं चल रही हैं क्योंकि इसे हाल के वर्षों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने हाल ही में 1.6 अरब डॉलर के घाटे की सूचना दी और 10,000 से अधिक कर्मचारियों को निकालने की योजना की घोषणा की।

रिवाइवल के लिए एक महंगे प्लान पर काम कर रही इंटेल


सीईओ पैट जेल्सिंगर के तहत, इंटेल खुद को फिर से बनाने और नए प्रोडक्ट, तकनीक और बाहरी ग्राहकों को लाने के लिए एक महंगी योजना पर काम कर रही है। इस पहल के कारण कमाई में गिरावट आई है, जिससे पहल में लोगों का भरोसा कम हुआ है। साथ ही कंपनी की मार्केट वैल्यू में अरबों डॉलर की कमी आई है। दूसरी ओर अपोलो को अपनी बीमा, बायआउट और क्रेडिट स्ट्रैटेजीस के लिए जाना जाता है। फर्म ने 1990 के दशक में डिस्ट्रेस्ड इनवेस्टिंग स्पेशलिस्ट के रूप में शुरुआत की थी।

Adani Energy Solutions का वैल्यूएशन 18.5 अरब डॉलर, रेवेन्यू 20% की दर से बढ़ने की उम्मीद

जून में हो चुका है इंटेल और अपोलो का एक सौदा

दोनों कंपनियों के बीच पहले से ही संबंध हैं। इंटेल ने जून में आयरलैंड में एक प्लांट को नियंत्रित करने वाले जॉइंट वेंचर में हिस्सेदारी अपोलो को 11 अरब डॉलर में बेचने पर सहमति व्यक्त की। इससे इंटेल के फैक्ट्री नेटवर्क के बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए अधिक बाहरी फंडिंग मिली। अपोलो को चिपमेकिंग स्पेस में भी है। पिछले साल फर्म ने वेस्टर्न डिजिटल कॉर्प में 90 करोड़ डॉलर के निवेश का नेतृत्व करने पर सहमति जताई थी, जिसमें कनवर्टिबल प्रिफर्ड स्टॉक खरीदा गया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।