कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली दिग्गज कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू की है। अशोक लेलैंड पर दो कंपनियों को कथित तौर पर डिस्काउंट में बीएस-III व्हीकल्स बेचने का आरोप है, जो सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का उल्लंघन है। NDTV ने बुधवार 30 नवंबर को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में आदेश दिया था कि कोई भी ऑटोमोबाइल कंपनी या डीलर देश में केवल BS-IV मानकों वाले वाहनों की ही बिक्री कर सकता है। कोर्ट ने देश में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए यह फैसला दिया था। मनीकंट्रोल इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
