Automobile PLI scheme: केंद्र सरकार ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत 20 कंपनियों के आवेदन को मंजूर किया है। इन कंपनियों में टाटा मोटर्स, सुजुकी मोटर गुजरात, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई और किआ इंडिया प्राइवेट आदि का नाम शामिल है। चार-पहिया गाड़ियों वाले सेगमेंट में चुनी गई अन्य कंपनियों में अशोक लीलैंड, आयशर मोटर्स लिमिटेड, PCA ऑटोमोबाइल्स इंडिया और पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का नाम शामिल हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि ऑटोमोबाइल PLI योजना को सफल माना जा सकता है क्योंकि सरकार को इसे लेकर भारी प्रतिक्रिया मिली है। हमने ऑटोमोबाइल PLI स्कीम के तहत जिन कंपनियों के आवेदन स्वीकार किए हैं, उनसे हमें 45,016 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है।
ट-व्हीलर और थ्री-व्हीलर कैटेगरी के सफल आवेदकों में बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, पियाजियो व्हीकल्स और टीवीएस मोटर का नाम शामिल है।
वहीं 'न्यू नॉन-ऑटोमोटिव इनवेस्टर' कैटेगरी में ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज, एक्सिस क्लीन मोबिलिटी, बूमा इनोवेटिव ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस, एलेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, हॉप इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड और पावरहॉल व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड के आवेदन को मंजूरी मिली है।
ऑटोमोबाइल PLI स्कीम के तहत, एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (AAT) उत्पादों की स्वदेशी स्पलाई चेन में नए निवेश करने के लिए इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए 18% तक का इनसेंटिव दिया जाना है।
सरकार के अनुसार, PLI योजनाओं के तहत ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स इंडस्ट्री को 25,938 करोड़ रुपये, एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल की इंडस्ट्री को 18,100 करोड़ का इनसेंटिव दिया जाना है। साथ में फेम स्कीम के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे भारत में पर्यावरण के लिहास से साफ, टिकाऊ, आधुनिक और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक व्हीकल आधारित ईकोसिस्टम विकसित किया जा सके।
इस योजना के तहत कुल 115 कंपनियों ने इनसेंटिव के लिए आवेदन दिया था। सरकार ने PLI स्कीम का नोटिफिकेशन 23 सितंबर 2021 को जारी किया था। ऑटोमोबाइल PLI स्कीम के तहत इनसेंटिव राशि को 1 अप्रैल 2022 से अगले 5 सालों में दिया जाएगा।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए PLI स्कीम मौजूदा ऑटोमोटिव कंपनियों के साथ-साथ उन नए निवेशकों के लिए भी खुली थी जो फिलहाल ऑटोमोबाइल या ऑटो कंपोनेंट के मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में नहीं हैं।