देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में शुमार बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) का कहना है कि वह अदाणी ग्रुप (Adani Group) को आगे भी लोन देना जारी रख सकता है। दुनिया के सबसे बड़े झुग्गी बस्ती में शुमार एक स्लम को रीमॉडल करने के अडानी ग्रुप के प्रोजेक्ट के साथ-साथ बाकी प्रोजेक्ट के लिए भी बैंक अतिरिक्त कर्ज देने को तैयार है। बैंक ऑफ बड़ौदा के सीईओ और एमडी संजीव चड्ढा का कहना है कि अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक अदाणी ग्रुप के लोन प्रपोजल को स्वीकर किया जाएगा। उन्होंने अदाणी ग्रुप के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव को लेकर भी कोई चिंता नहीं जताई। अदाणी ग्रुप ने पिछले साल धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए 5070 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी और इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा लोन बढ़ाने को तैयार है।
अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट आने के बाद से अदाणी ग्रुप के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव है। हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया है। हालांकि अदाणी ग्रुप ने इस सभी आरोपों से इनकार किया है।
Adani Group के लिए कितनी बड़ी राहत?
बैंक ऑफ बड़ौदा के सीईओ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अगले महीने अदाणी ग्रुप पर 50 करोड़ डॉलर का ब्रिज जोन ड्यू है जिसकी रीफाइनेंसिंग के लिए कुछ बैंक पीछे हट रहे हैं। बैंक इसलिए पीछे हट रहे हैं क्योंकि अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप पर फ्रॉड का आरोप लगाया है और इसके चलते ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में काफी उठा-पटक है। ऐसे में बैंक ऑफ बड़ौदा के सीईओ का बयान अदाणी ग्रुप के लिए बड़ी राहत है।
अदाणी ग्रुप में बैंक का कितना एक्सपोजर
चड्ढा ने एक इंटरव्यू में कहा कि लोन को लेकर अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स होते हैं और इसे अच्छे और बुरे दौर दोनों वक्त में अपनाना होता है। हालांकि उन्होंने इसका खुलासा करने से इनकार कर दिया कि अदाणी ग्रुप पर बैंक को ओवरऑल एक्सपोजर कितना है। हालांकि इस महीने की शुरुआत में चड्ढा ने कहा कि केंद्रीय बैंक RBI के फ्रेमवर्क के हिसाब से जितने की मंजूरी है, उसका महज एक-चौथाई ही ग्रुप में एक्सपोजर है। वहीं देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का अदाणी ग्रुप में करीब 27000 करोड़ रुपये का एक्सपोजर है।