भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और उसकी सब्सिडियरी भारती हेक्साकॉम ने हाई कॉस्ट वाली स्पेक्ट्रम देनदारी के लिए दूरसंचार विभाग को समय से पहले 5,985 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पेमेंट किया है। एयरटेल की सब्सिडियरी Network i2i ने भी वॉलंटरी रूप से एक अरब डॉलर वैल्यू की परपेचुअल डेट सिक्योरिटीज को भुनाया है।
भारती एयरटेल ने शेयर बाजारों को बताया है, ‘‘भारती एयरटेल और उसकी सब्सिडियरी भारती हेक्साकॉम ने दूरसंचार विभाग को अतिरिक्त 5,985 करोड़ रुपये का समय से पहले भुगतान किया है। इसके साथ 2024 की नीलामी से संबंधित 8.65 प्रतिशत की उच्च लागत वाली ब्याज देनदारियों का समय से पहले पूरा भुगतान हो गया है।’’
कंपनी के अनुसार, ‘‘एयरटेल ने अपनी उच्च लागत वाली स्पेक्ट्रम देनदारियों का एडवांस पेमेंट जारी रखा है। इससे उसका कर्ज और कर्ज की लागत कम हो रही है। यह वित्तीय सूझबूझ, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मजबूत कैपिटल पोजिशन को लेकर कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
क्यूमुलेटिव रूप से स्पेक्ट्रम देनदारी मद में 66,665 करोड़ का भुगतान
एयरटेल अब चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उच्च लागत वाली स्पेक्ट्रम देनदारियों के 25,981 करोड़ रुपये का वक्त से पहले भुगतान कर चुकी है। इसके साथ कंपनी ने अब तक क्यूमुलेटिव रूप से स्पेक्ट्रम देनदारी मद में 66,665 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कंपनी के अनुसार, ‘‘इन भुगतान के चलते, एयरटेल ने स्पेक्ट्रम देनदारियों पर अपने कर्ज की लागत को घटाकर औसतन लगभग 7.22 प्रतिशत कर दिया है। यह लागत बाकी 52,000 करोड़ रुपये की स्पेक्ट्रम देनदारियों (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू देनदारियों को छोड़कर) पर है।’’
इसके अलावा, एयरटेल की सब्सिडियरी Network i2i Limited ने वॉलंटरी रूप से कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल किया है और वित्त वर्ष 2019-20 में जारी किए गए एक अरब डॉलर के परपेचुअल नोट्स को भुनाया है। कॉल ऑप्शन के तहत परपेचुअल बॉन्ड जारी करने वालों को एक खास वक्त पर या कुछ निश्चित शर्तों के तहत बॉन्ड को भुनाने की इजाजत होती है। हालांकि, इस प्रकार के बॉन्ड की सैद्धांतिक रूप से कोई मैच्योरिटी डेट नहीं होती है।