हॉस्पिटैलिटी कंपनी ओयो होटल्स एंड होम्स को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आयकर विभाग की ओर से कंपनी से मांगे गए ₹1140 करोड़ के एंजेल टैक्स पर रोक लगा दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) द्वारा इस मसले पर कोई फैसला किए जाने तक टैक्स डिमांड पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) को फैसला लेने के लिए 8 सप्ताह का वक्त दिया है।
आखिर यह मामला है क्या? दरअसल आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2021-22 के लिए ओयो से ₹1,140 करोड़ का एंजेल टैक्स मांगा है। विभाग चाहता है कि ओयो की होल्डिंग कंपनी, Oravel Stays की ओर से कंपनी में किए गए निवेश पर टैक्स लगाया जाए।
एंजेल टैक्स उन निवेशों पर लगाया जाता है, जो शेयरों की फेयर मार्केट वैल्यू से ज्यादा के होते हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी के शेयरों की फेयर मार्केट वैल्यू ₹100 करोड़ है और उसमें ₹150 करोड़ का निवेश आता है तो एंजेल टैक्स व्यवस्था (सेक्शन 56(2)(viib)) के तहत कंपनी से ₹50 करोड़ के अतिरिक्त निवेश पर लगभग 30.9% टैक्स मांगा जा सकता है। इस अतिरिक्त निवेश राशि को "अन्य स्रोतों से आय" माना जाता है और उसी के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है।
यह टैक्स पहले नॉन-लिस्टेड कंपनियों और स्टार्टअप्स पर लागू था। लेकिन फिर इसे स्टार्टअप्स में निवेश में बाधा डालने वाला और, टैक्सेशन और मुकदमेबाजी संबंधी चुनौतियां पैदा करने वाला कहा गया। बढ़ती आलोचना को देखते हुए सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 से एंजेल टैक्स को खत्म करने का फैसला किया।
यात्रा के साथ की है पार्टनरशिप
एक दिन पहले खबर आई थी कि ओयो ने ट्रैवल प्लेटफॉर्म यात्रा के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी का मकसद बिजनेस ट्रैवल ऑफरिंग्स का विस्तार करना और इस सेगमेंट में अपनी पोजिशन को मजबूत करना है। साझेदारी के तहत ओयो के 500 से अधिक कंपनी की सर्विस वाले होटल पहली बार यात्रा के प्लेटफॉर्म पर आ गए हैं। ओयो इस साल सितंबर तक यात्रा प्लेटफॉर्म पर बुकिंग के लिए कंपनी के 1,000 और होटल जोड़ने की योजना बना रही है।
ओयो अपने IPO को लाने की तैयारी में है। मई महीने के आखिर में फाउंडर रितेश अग्रवाल ने Oravel Stays का नाम बदलने क लिए सुझाव मांगे थे। विनर के लिए 3 लाख रुपये के प्राइज के साथ-साथ रितेश अग्रवाल से मिलने के मौके की भी घोषणा की गई थी।