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OYO को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, ₹1140 करोड़ की एंजेल टैक्स डिमांड पर लगी रोक

एंजेल टैक्स उन निवेशों पर लगाया जाता है, जो शेयरों की फेयर मार्केट वैल्यू से ज्यादा के होते हैं। सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 से एंजेल टैक्स को खत्म करने का फैसला किया। कोर्ट ने इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) को इस मसले पर फैसला लेने के लिए 8 सप्ताह का वक्त दिया है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 12, 2025 पर 12:11 AM
OYO को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, ₹1140 करोड़ की एंजेल टैक्स डिमांड पर लगी रोक
आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2021-22 के लिए Oyo से ₹1,140 करोड़ का एंजेल टैक्स मांगा है।

हॉस्पिटैलिटी कंपनी ओयो होटल्स एंड होम्स को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आयकर विभाग की ओर से कंपनी से मांगे गए ₹1140 करोड़ के एंजेल टैक्स पर रोक लगा दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) द्वारा इस मसले पर कोई फैसला किए जाने तक टैक्स डिमांड पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) को फैसला लेने के लिए 8 सप्ताह का वक्त दिया है।

आखिर यह मामला है क्या? दरअसल आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2021-22 के लिए ओयो से ₹1,140 करोड़ का एंजेल टैक्स मांगा है। विभाग चाहता है कि ओयो की होल्डिंग कंपनी, Oravel Stays की ओर से कंपनी में किए गए निवेश पर टैक्स लगाया जाए।

क्या है एंजेल टैक्स

एंजेल टैक्स उन निवेशों पर लगाया जाता है, जो शेयरों की फेयर मार्केट वैल्यू से ज्यादा के होते हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी के शेयरों की फेयर मार्केट वैल्यू ₹100 करोड़ है और उसमें ₹150 करोड़ का निवेश आता है तो एंजेल टैक्स व्यवस्था (सेक्शन 56(2)(viib)) के तहत कंपनी से ₹50 करोड़ के अतिरिक्त निवेश पर लगभग 30.9% टैक्स मांगा जा सकता है। इस अतिरिक्त निवेश राशि को "अन्य स्रोतों से आय" माना जाता है और उसी के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है।

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