NSE में अपनी 0.42 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगा BoB, नीलामी के लिए बोलियां आमंत्रित की

NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज हैं। यह देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज BSE के मुकाबले बहुत बड़ा है, जिसकी वैल्यूएशन सिर्फ 7,790 करोड़ रुपये है। बीओबी सरकारी बैंक है। उसने शेयरों की नीलामी के लिए खरीदारों से बोलियां आमंत्रित की हैं, जिनमें बीमा कंपनियां, कंपनियां, म्यूचुअल फंड्स, बैंक, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स, एफआईआई आदि शामिल हैं

अपडेटेड Jun 06, 2023 पर 4:38 PM
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ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट के लिहाज से एनएसई दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज है। इसके शेयरधारकों में LIC, SBI, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टाइगर ग्लोबल का एक फंड और मॉर्गन स्टेनली के एक फंड सहित कई इनवेस्टर्स शामिल हैं।

Bank of Baroda (BoB) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में अपनी 0.42 फीसदी हिस्सेदारी यानी 21 लाख शेयरों की नीलामी का प्लान बनाया है। यह नीलामी प्रति शेयर 3,150 रुपये के फ्लोर प्राइस पर होगी। इसके लिए एनएसई की वैल्यूएशन 1,56,000 करोड़ रुपये लगाई गई है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज हैं। यह देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज BSE के मुकाबले बहुत बड़ा है, जिसकी वैल्यूएशन सिर्फ 7,790 करोड़ रुपये है। बीओबी सरकारी बैंक है। उसने शेयरों की नीलामी के लिए खरीदारों से बोलियां आमंत्रित की हैं, जिनमें बीमा कंपनियां, कंपनियां, म्यूचुअल फंड्स, बैंक, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स, एफआईआई आदि शामिल हैं।

बोलियां 15 जून को ओपन होंगी

खबरों के मुताबिक, पार्टनरशिप फर्मों को बोली लगाने की इजाजत नहीं है। ऑफर सब्मिट करने की अंतिम तारीख 10 जुलाई है। प्री-बिड सवाल 5 जून से 15 जून के बीच पूछे जा सकते हैं। बोलियां 11 जून दिन रविवार को ओपन की जाएंगी। शेयरों की यह नीलामी ऐसे वक्त हो रही है, जब NSE के आईपीओ को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। एक्सचेंज के खिलाफ कुछ लीगल और रेगुलेटरी मामलों का निपटारा होना बाकी है। SEBI यह स्पष्ट कर चुका है कि वह लंबित मामलों को देखते हुए 2022 में आईपीओ के एनएसई के आवेदन को मंजूरी नहीं देगा।


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NSE ने लिस्टिंग का बनाया था प्लान

NSE की लिस्टिंग में देरी का मतलब इसके शेयरहोल्डर्स की धैर्य की परीक्षा है। इनमें बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां और विदेशी फंड्स शामिल हैं। शेयर बाजार में तेजी को देखते हुए वे एनएसई में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। लिस्टिंग से एनएसई को अपने शेयरहोल्डर्स का दायरा BSE की तरह बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे पहले 2016 में एनएसई ने अपने कुल शेयरों का 10 फीसदी लिस्टिंग में जारी करने का प्लान बनाया था। तब ग्रे मार्केट में उसकी वैल्यूएशन 2 लाख करोड़ रुपये लगाई गई थी। तब यह माना गया था कि कंपनी के आईपीओ का साइज 2.5 अरब डॉलर हो सकता है।

दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज

ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट के लिहाज से एनएसई दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज है। इसके शेयरधारकों में LIC, SBI, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टाइगर ग्लोबल का एक फंड और मॉर्गन स्टेनली के एक फंड सहित कई इनवेस्टर्स शामिल हैं। एएनएसई के खिलाफ 2016 से एक मामला चल रहा है। इसका संबंध इसके सभी ट्रेडिंग मेंबर्स को एकसमान एक्सेस उपलब्ध कराने से है।

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