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कठिन कारोबारी माहौल के लिए रहें तैयार, 30 से अधिक CEO और MD को एन चंद्रशेखरन का निर्देश

पश्चिम एशिया क्षेत्र में वोल्टास, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और टाइटन कंपनी के 10,000 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। चंद्रशेखरन ने नकदी के सावधानी भरे और विवेकपूर्ण प्रबंधन, और बचत पर फोकस करने की भी सिफारिश की

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 12:01 PM
कठिन कारोबारी माहौल के लिए रहें तैयार, 30 से अधिक CEO और MD को एन चंद्रशेखरन का निर्देश
चंद्रशेखरन ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के असर पर एक रिव्यू मीटिंग की।

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टाटा ग्रुप की कंपनियों के 30 से अधिक CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर्स (MD) को कठिन कारोबारी माहौल के लिए तैयार रहने को कहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चंद्रशेखरन ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के असर पर एक रिव्यू मीटिंग के दौरान यह बात कही। इस युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित हो गई है।

चंद्रशेखरन ने टॉप एग्जीक्यूटिव्स को बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में वोल्टास, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और टाइटन कंपनी (डामास सहित) के 10,000 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, उन्होंने इन कर्मचारियों की वापसी के लिए उठाए गए कदमों की रूपरेखा भी साझा की।

बढ़ सकती है ऑपरेशनल कॉस्ट

आकलन के दौरान एक कॉमन बात यह निकलकर आई कि सप्लाई चेन में बाधा और जिंस की बढ़ती कीमतों का असर मांग पर पड़ेगा और इससे ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ेगी। इसके चलते मार्जिन पर दबाव आएगा। कई कंपनियों के लिए इसका मतलब यह होगा कि उत्पादन, क्षमता से कम रह सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर या क्षमता निर्माण से जुड़ी अन्य कंपनियों के लिए सप्लाई में देरी का असर समयसीमा और जनशक्ति, दोनों पर पड़ेगा। कुछ कंपनियों पर तेल की कीमतों का सीधा और गहरा असर होगा।

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