क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill) के संसद के बजट सत्र (Budget Session) में पेश होने की उम्मीद कम है। इस बिल के आने के बाद यह साफ होगा कि देश में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नियम क्या होंगे। अभी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नियमों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार क्रिप्टो में निवेश को लेकर बहुत पॉजिटिव नहीं हैं। दोनों इसमें निवेश को रिस्की मानते हैं। उनका मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेशकों का पैसा डूब सकता है। यही वजह है कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर व्यापक नियम बनाने का फैसला किया है। इसके लिए वह संसद में बिल पेश करेगी।
माना जाता है कि सरकार क्रिप्टोकरेसी पर अपनी पॉलिसी को लेकर और चर्चा चाहती है। सरकार को आरबीआई के डिजिटल करेंसी प्रोजेक्ट (Digital Currency)से जुड़े ऑब्जर्वेशन और तकनीकी पहलुओं का इंतजार है। उम्मीद है कि आरबीआई अगले कुछ महीनों में अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च कर देगा। केंद्रीय बैंक प्राइवेट डिजिटल करेंसी (Private Digital Currency) को लेकर अपनी चिंता जता चुका है। उसका मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) को खतरा पैदा हो सकता है।
अंग्रेजी बिजनेस न्यूजपेपर ईटी के मुताबिक, वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के एक वरिष्ठ अफसर ने कहा है कि क्रिप्टो एक जटिल मसला है। इसलिए सरकार को पॉलिसी बनाने के लिए और समय चाहिए। इसलिए क्रिप्टो बिल के बजट सत्र में आने की उम्मीद नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी के लिए कई कानूनों में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। माना जा रहा है कि सरकार एक सीमा से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी की खरीद और बिक्री पर टीसीएस/टीडीएस लागू कर सकती है।
इससे पहले सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों पर टैक्स काफी बढ़ा देने के बारे में सोचा था। उन्हें 35-42 फीसदी इनकम स्लैब में लाने की योजना थी। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों (Cryptocurrency Exchange) पर भी एक फीसदी जीएसटी लगाने के बारे में सोचा गया था। ईटी ने बताया है कि कंज्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप का प्रतिनिधित्व करने वाले इंडियाटेक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर क्रिप्टो पर टैक्स को लेकर तस्वीर साफ करने की मांग की थी। उसने वित्त मंत्री से टैक्स के नियमों में बदलाव कर क्रिप्टो एसेट्स को उसके तहत लाने की गुजारिश की थी। साथ ही क्रिप्टो को लेकर टैक्स के प्रावधानों को स्पष्ट करने की मांग की थी।
दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की चाहत बढ़ी है। इसकी वजह इससे मिलने वाला रिटर्न है। बिटकॉइन सहित कई क्रिप्टोकरेंसी ने अपने निवेशकों को पिछले कुछ सालों में मालामाल किया है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इसमें पैसा लगाना चाहता हैं। भारत उन देशों में शामिल है, जहां क्रिप्टो के निवेशकों की संख्या बहुत ज्यादा है।