Budget 2022: साहिल कपूर को ये 5 सेक्टर्स बजट के फोकस में रहने की उम्मीद

वित्तमंत्री इस बार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, एक्सपोर्ट , हेल्थ एंड सैनिटेशन एक्सपेंडिचर और डिसइन्वेस्टमेंट (Disinvestment) पर फोकस रखेंगी

अपडेटेड Jan 19, 2022 पर 10:40 AM
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साहिल कपूर DSP इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रोडक्ट हेड और मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट हैं

बजट 2022 (Budget 2022) पेश होने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, उससे उम्मीदों को लेकर चर्चा वैसे-वैसे बढ़ रही है। सब जानना चाहते हैं कि आखिर वित्त वर्ष 2022-23 के यूनियन बजट (Union Budget) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फोकस किन सेक्टर पर रहेगा। सीतारमण बड़े और साहसिक फैसले लेने के लिए जानी जाती हैं। हमने बजट को लेकर डीएसपी इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (DSP Inevstment Managers) के हेड (प्रोडक्ट्स एंड मार्केट स्ट्रेटिजिस्ट) साहिल कपूर (Sahil Kapoor) से बातचीत की। आइए जानते हैं बजट 2022 को लेकर उनकी क्या उम्मीदें हैं।

साहिल का मानना है कि वित्तमंत्री इस बार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (Infrastructure Development), एक्सपोर्ट (Export), हेल्थ एंड सैनिटेशन (Health and Sanitization) एक्सपेंडिचर और डिसइन्वेस्टमेंट (Disinvestment) पर फोकस रखेंगी। इसके अलावा सरकार की राजकोषीय स्थिति (Fiscal condition) भी उनकी प्राथमिकता होगी। वित्त मंत्री 1 फरवरी को यूनियन बजट 2022 पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब कोरोना (Corona) की मार से बेहाल अर्थअव्यवस्था (Indian Economy) उबरने की कोशिश कर रही है।

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बीते सालों में सरकार का जोर आर्थिक सुधार (Economic Reforms) पर रहा है। साहिल ने कहा कि पिछले कुछ सालों में देखें तो कई बड़े आर्थिक सुधार के ऐलान यूनियन बजट से बाहर किए गए हैं। इस बार भी वित्त मंत्री बड़े आर्थिक सुधार का ऐलान बजट में करने से परहेज कर सकती हैं। हालांकि, बजट से यह पता चलेगा कि ग्रोथ के लिए खर्च बढ़ाने के मामले में सरकार का रुख क्या रहने वाला है।

कपूर का मानना है कि जिस तरह से नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (National Infrastructure Pipeline) और ग्रोथ के लिए पैसे जुटाने पर सरकार का फोकस रहा है, उससे लगता है कि सरकार का जोर डिसइन्वेस्टमेंट पर आगे भी बना रहेगा। पिछले कुछ सालों में सरकार का जोर विनिवेश पर अपेक्षाकृत कम रहा है। इसकी कई वजहें रहीं। उधर, कोरोना की महामारी को लेकर भी चिंता रही है। लेकिन, ऐसा लगता है कि 2022 में इसका असर अर्थव्यवस्था पर ज्यादा नहीं पड़ने वाला है।

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