अगले वित्त वर्ष का बजट (Budget 2022) आने में कुछ ही दिन बचे हैं। बजट से अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के हर सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। जानकारों का मानना है कि पिछले साल की तरह इस बार भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) एक संतुलित बजट पेश करेंगी। इसमें अर्थव्यवस्था की ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों के साथ ही आम आदमी को राहत देने के उपाय होंगे। ब्रोकरेज फर्म रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ लव चतुर्वेदी का मानना है कि इस बार कुछ खास सेक्टर को बजट से सबसे ज्यादा लाभ होगा।
चतुर्वेदी ने कहा कि इस बार का बजट अर्थव्यवस्था (Economy), शेयर बाजार (Share Market) और आम आदमी (Common People) के लिए काफी अहम है। इसकी वजह यह है कि तीनों ही मुश्किल स्थितियों का सामना कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था तेज ग्रोथ की पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही है। शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बीच अपना सही स्तर तलाश रहा है। आम आदमी खत्म नहीं हो रही कोरोना की महामारी से बेहाल है।
इस चुनौतीपूर्ण हालात में यह बजट हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर (Health Infrastructure) सेक्टर के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले दो साल से कोरोना की महामारी के बीच हमें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व पता चला है। पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाकर ही कोरोना सहित किसी महामारी से निपटा जा सकता है।
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीईओ ने बताया कि सरकार ने पिछले साल पेश बजट में हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्री (Health and Family welfare Ministry) के लिए 64,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम का आवंटन किया था। 35,000 करोड़ रुपये की रकम वैक्सीनेशन (Vaccination) और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए आवंटित की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार इस बार भी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी प्राथमिकता में रखेगी। वित्त मंत्री 1 फरवरी को बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए ज्यादा रकम का आवंटन कर सकती हैं।
बजट में सरकार का फोकस कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) घटाने पर हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में ऐलान किया था कि भारत में 2070 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य स्तर पर आ जाएगा। इसके लिए सरकार पिछले 2-3 साल से इलेक्ट्रिफिकेशन और ग्रीन एनर्जी (Green Energy) पर फोकस कर रही है। चतुर्वेदी ने कहा कि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। इससे ग्रीन एनर्जी से जुड़ी कंपनियों को बहुत फायदा होगा।
कैपिटल गुड्स एवं इंजीनियरिंग पर भी वित्त मंत्री का जोर रहने की उम्मीद है। इकोनॉमी की ग्रोथ तेज करने के लिए पूंजीगत निवेश बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार पहले से प्रोडक्शन-लिक्ंड इन्सेंटिव जैसी स्कीम पर फोकस कर रही है। नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) और मेक-इन-इंडिया पर जोर से कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वित्त मंत्री बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को बढ़ावा देने के लिए उपायों का ऐलान कर सकती हैं। आने वाला समय इलेक्ट्रिक व्हीकल का है। सरकार इसकी वैल्यू चेन को मजबूत बनाने के लिए कदम उठा सकती है। इनमें ईवी बैटरीज, ईवी चार्जर्स जैसी चीजें शामिल होंगी। पहले से ईवी खरीदने के लिए लोगों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।