Budget 2023: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। इस बजट के प्रति आमतौर पर सभी लोग जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। इस बार के बजट से देश के हर सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। इस बीच आज हम आपको टैक्स के बारे में कुछ ऐसी बतें बता रहे हैं। जिससे सुनने के बाद आप शायद यकीन न करें। किसी जमाने में औरतों के स्तन ढकने पर भी टैक्स लगता था, वो भी भारत में लगता था कहीं और नहीं। इसके अलावा दाढ़ी रखने पर भी लोगों को टैक्स चुकाना पड़ता था। जानिए दुनिया के अजीबो गरीब टैक्स के बारे में...
इंग्लैंड के राजा हेनरी VIII थे। उन्होंने साल 1535 में दाढ़ी रखने पर ही टैक्स लगा दिया था। व्यक्ति की हैरिसत के मुताबिक उससे टैक्स वसूला जाता था। हेनरी के गुजरने के बाद उनकी बेटी एलिजाबेथ I ने आदेश जारी किया था कि दो हफ्ते से ज्यादा की दाढ़ी पर टैक्स देना पड़ेगा। मजेदार बात यह है कि अगर टैक्स वसूली के वक्त कोई घर से गायब मिले तो उसका टैक्स पड़ोसी को देना होता था। रूस के राजा पीटर द ग्रेट ने भी 1698 में दाढ़ी रखने पर टैक्स वसूला था।
19वीं शताब्दी में केरल में त्रावणकोर के राजा ने निचली जाति की महिलाओं के स्तन ढकने पर टैक्स लगाया था। इनमें एजवा, थिया, नाडर और दलित समुदाय की महिलाएं शामिल थीं। इन महिलाओं को अपने स्तन ढकने की इजाजत भी नहीं थी। ऐसा करने पर उन्हें भारी टैक्स देना पड़ता था। आखिरकार नांगेली नाम की एक महिला के कारण त्रावणकोर की महिलाओं को इस टैक्स से छुटकारा मिला। नांगेली ने यह टैक्स देने से मना कर दिया। जब एक टैक्स इंस्पेक्टर उसके घर पहुंचा तो नांगेली ने टैक्स देने से इनकार कर दिया। इस टैक्स के विरोध में उसने अपने स्तन काट दिए। ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई। ऐसे में राजा को यह टैक्स खत्म करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
साल 1971 में अमेरिका के रोड आइलैंड की वित्तीय स्थिति बेहद खराब थी। ऐसे में डेमोक्रेटिक स्टेट लेजिस्टेटर ने शारीरिक संबंध बनाने पर दो डॉलर का टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन यह कभी लागू नहीं हो सका। वहीं जर्मनी में वेश्यावृत्ति कानूनी है। वहां 2004 में एक कानून के तहत प्रॉस्टिट्यूट्स को 150 यूरो बतौर टैक्स देने पड़ते थे।
रोम में नौवीं सदी में बैचलर टैक्स लगता था। इसे रोम के राजा ऑगस्टस ने शुरू किया था। इसके पीछे मकसद शादी को बढ़ावा देना था। ऑगस्टस ने साथ ही उन शादीशुदा जोड़ों पर भी टैक्स लगाया, जिनके बच्चे नहीं थे। यह टैक्स 20 से 60 साल की उम्र तक के लोगों को देना पड़ता था। 15वीं सदी में बैचलर टैक्स के दौरान ऑटोमन साम्राज्य में भी था। इटली के तानाशाह बेनितो मुसोलिनी ने भी 1924 में बैचलर टैक्स लगाया था। यह टैक्स 21 से लेकर 50 साल की उम्र के बीच के अविवाहित पुरुषों पर लगाया जाता था।
साल 1696 में इंग्लैंड और वेल्स के राजा विलियम तृतीय ने खिड़कियों पर टैक्स लगाया था। इसमें लोगों को खिड़कियों की संख्या के हिसाब से टैक्स देना पड़ता था। राजा का खजाना खाली था और उसकी हालत सुधारने के लिए उसने यह तरकीब अपनाई। जिन घरों में 10 से अधिक खिड़कियां होती थीं उन्हें दस शिलिंग टैक्स देना पड़ता था। इससे बचने के लिए कई लोगों ने अपनी खिड़कियों को ईंटों से कवर कर दिया था। लेकिन इससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होने लगा। आखिर 156 साल बाद 1851 में जाकर यह टैक्स खत्म हुआ।