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बजट 2023: लद्दाख से हरियाणा तक भारत की पहली एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन की घोषणा, 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य

Budget 2023: बजट में लद्दाख से हरियाणा तक भारत की पहली मेगा रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “लद्दाख से 13 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी और ग्रिड इंटीग्रेशन के लिए इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम का निर्माण 20,700 करोड़ रुपये के निवेश से किया जाएगा, जिसमें 8,300 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है”

Curated By: Akhileshअपडेटेड Feb 01, 2023 पर 5:31 PM
बजट 2023: लद्दाख से हरियाणा तक भारत की पहली एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन की घोषणा, 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य
Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 2030 तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य की घोषणा की

Budget 2023-2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में लद्दाख से हरियाणा तक भारत की पहली मेगा रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट (Mega Renewable Energy Transmission Line Project) की घोषणा की। निर्मला सीतारमण ने कहा, “लद्दाख से 13 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी और ग्रिड इंटीग्रेशन के लिए इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम का निर्माण 20,700 करोड़ रुपये के निवेश से किया जाएगा, जिसमें 8,300 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है।”

16 जनवरी, 2023 को मनीकंट्रोल ने बताया था कि केंद्रीय बजट में लद्दाख से रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट को शामिल करने की संभावना है। लद्दाख में पांग और हरियाणा में कैथल के बीच ग्रीन एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरिडोर की योजना बनाई जा रही है।

इस प्रोजेक्ट के 900 किलोमीटर तक फैले होने की संभावना है। कॉरिडोर की योजना विशेष रूप से लेह में 10 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से कम से कम 13 गीगावाट बिजली निकालने और केंद्र शासित प्रदेश में पवन ऊर्जा सिस्टम के माध्यम से अन्य 4 गीगावॉट निकालने की योजना बनाई जा रही है।

लद्दाख में रिन्यूएबल एनर्जी पार्क एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसकी घोषणा पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018-19 में की थी। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि ट्रांसमिशन लाइन में 12 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण घटक भी होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने 2030 तक 500 GW की स्थापित क्षमता का लक्ष्य रखा है।

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