Budget 2023: बजट के दिन इन तीन ट्रेडिंग नियमों का करें इस्तेमाल, मनु भाटिया ने बताए इसके फायदे

Union Budget 2023: बजट के दिन दोपहर से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव रहता है। बजट भाषण के बाद बाजार किसी एक दिशा में जाता नजर आता है। आम तौर पर यह चढ़ता है या गिरता है। इसलिए बजट के दिन अपनी पॉजिशन की साइज घटाना ठीक है

अपडेटेड Jan 28, 2023 पर 2:10 PM
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बजट पेश होने के दिन शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। वित्त मंत्री का ऐलान पसंद आने पर मार्केट चढ़ जाता है। ऐलान पसंद नहीं आने पर मार्केट गिर जाता है।

Budget 2023: बजट पेश होने के दिन शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। वित्त मंत्री का ऐलान पसंद आने पर मार्केट चढ़ जाता है। ऐलान पसंद नहीं आने पर मार्केट गिर जाता है। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहता है। ऐसे में ट्रेडर के लिए मुनाफा कमाना मुश्किल हो जाता है। बजट के दिन मुनाफे की रणनीति जानने के लिए मनीकंट्रोल ने मनु भाटिया से बात की। भाटिया एक मशहूर ट्रेडर हैं। उन्होंने कहा कि बजट के दिन को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। दोपहर तक बजट भाषण शुरू होने से पहले बाजार कभी चढ़ता है तो कभी उतरता है। बजट भाषण के बाद बाजार या तो चढ़ता है या गिरता है। इसकी वजह यह है कि बजट में होने वाले ऐलान से पता चल जाता है कि सरकार का एप्रोच क्या होगा।

भाटिया ने कहा कि इस बार बजट बुधवार को पेश होने जा रहा है। इसलिए प्रीमियम में गिरावट देखने को मिल सकती है। दो चीजों का असर देखने को मिलेगा। पहला, जब हम किसी हफ्ते में एक्सपायरी की तरफ बढ़ते हैं तो ऑप्शंस की वैल्यू धीरे-धीरे कम होती जाती है। दूसरा, इवेंट के बाद VIX या वॉलैटिलिटी भी क्रैश कर जाती है। इससे प्रीमियम में गिरावट की रफ्तार बढ़ जाती है। इसलिए स्ट्रैडल या स्ट्रैंगल की तरह डेल्टा-न्यूट्रल स्ट्रैटेजी अपनाना ठीक रहेगा।

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अगर बजट के दिन अच्छी ट्रेडिंग मूव दिखता है और इंडेक्स एक फीसदी या इससे ज्यादा चढ़ता है तो इसके इसी दिशा में अच्छे गैप के साथ खुलने की उम्मीद रहती है। इसलिए अगर चार्ट पर अच्छा ग्रीन कैंडल दिखता है तो यह BTST (आज खरीदें, कल बेच दें) का मौका है।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर बैंक निफ्टी अच्छा ट्रेडिंग मूव दिखाता है। इसकी वजह यह है कि यह सिर्फ एक सेक्टर पर आधारित है। अगर बजट में बैंकों के लिए बड़े ऐलान होते हैं तो यह चढ़ता है या गिरता है। दूसरी तरफ, निफ्टी कई तरह के सेक्टर पर आधारित है। मैं आम तौर पर ठोस प्लान नहीं होने पर ट्रेडिंग से बचता हूं। इसकी वजह है कि बजट के दिन ट्रेडिंग डिसिजंस लेना बहुत मुश्किल होता है।

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बजट से पहले वाले दिन की स्ट्रैटेजी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि 2019 में मैंने साइज के मामले में सही पॉजिशन नहीं ली थी। मैं समझ गया कि कैपिटल का 1 फीसदी रिस्क पर लगाने की जगह मैं 3-4 फीसदी रिस्क पर लगा रहा था। हालांकि, तब मुझे इससे लॉस नहीं हुआ, लेकिन मुझे समझ में आ गया कि पॉजिशन की साइज की बहुत अहमियत है।

उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह कि ऐसे दिनों में प्रीमियम बहुत ऊपर रहता है। इसकी वजह यह है कि इवेंट को लेकर बहुत उम्मीदें होती हैं। इसलिए मैं उस साइज में पॉजिशन लेने की सलाह नहीं दूंगा, जो हम आम दिनों में लेते हैं। इसे घटाना ज्यादा अच्छा रहेगा। मैं बजट के दिन अपनी पॉजिशन की साइज 30 फीसदी तक घटा देता हूं।

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